India Pakistan Tension: भारत-पाकिस्तान टेंशन के बीच LOC में बंकर तैयार, सफाई शुरू, देखें Video

India Pakistan Tension: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने जो खून की होली है, उसे शायद की कोई हिंदुस्तानी भूल सकता है. एक-एक भारतीय आतंकवादियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहा है. इस बीच भारत और पाकिस्तान सीमा से सटे एक गांव के लोग बंकरों की सफाई में जुट गए हैं. साथ ही नये बंकर भी बना रहे हैं. उनसे जब पूछा गया कि आखिर ऐसा क्यों कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा- दोनों देशों के बीच जो मौजूदा हालात हैं, उसको देखते हुए हम ऐसा कर रहे हैं. आगे उन्होंने जो बातें कहीं, उसे सुनकर आपके मन में गांव के लोगों के प्रति प्रेम और सम्मान बढ़ जाएगा. ग्रामीणों ने कहा, हम नहीं चाहते भारतीय सेना हमें लेकर थोड़ी भी चिंतित हो और कमजोर पड़े.

India Pakistan border

India Pakistan Tension: पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद देश में गम और गुस्सा का माहौल है. भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव की बीच LOC से सटे गांव के लोगों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. सीमा से सटे लोग तनाव की स्थिति को देखते हुए बंकर तैयार करने में जुट गए हैं. साथ ही बंकरों की सफाई भी शुरू कर दी गई है. गांव के लोगों ने जो कहा, उसे सुनने के बाद आप उन्हें सलाम करेंगे. जब गांव के लोगों से पूछा गया कि वो बंकर क्यों बना रहे हैं और उनकी सफाई क्यों कर रहे हैं? इस पर ग्रामीणों ने कहा, “हम अपनी सेना के लिए बाधा नहीं बनना चाहते, इसलिए बंकर की सफाई कर रहे हैं.”

करमारहा गांव के निवासियों ने क्या बताया?

पुंछ के करमारहा गांव के निवासी ने कहा, “सरकार ने हमें बंकर दिए हैं. पहले गोलीबारी के दौरान हम बंकरों में रहते थे. पहलगाम की घटना से हम दुखी हैं. हम अपनी सेना और प्रशासन के साथ हैं. यह सीमावर्ती क्षेत्र है, इसलिए पहले इस क्षेत्र में गोलीबारी की घटनाएं होती थीं. हमने अपने बंकर साफ कर लिए हैं और किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में यहां आ सकते हैं.” उसी गांव के अन्य निवासी ने कहा, “लोग बंकरों को भूल गए थे. अब बंकरों की फिर से सफाई की जा रही है… डर का माहौल है, लेकिन हमें उम्मीद है कि घाटी में सद्भाव कायम रहेगा.”

हम अपनी सेना के लिए बाधा नहीं बनना चाहते

एक निवासी ने कहा, “यह सीमावर्ती क्षेत्र है, इसलिए यहां कुछ भी हो सकता है. इसलिए, घरेलू बंकर लगभग तैयार हैं, लेकिन हमें सामुदायिक बंकर तैयार करने होंगे. हम अपनी सेना के लिए बाधा नहीं बनना चाहते. हम नहीं चाहते कि वे सोचें कि सीमा क्षेत्र के लोग सुरक्षित होंगे या नहीं, इसलिए, हम यह सामुदायिक बंकर तैयार कर रहे हैं.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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