India Pakistan Border : भारत-पाकिस्तान सीमा पर ये क्या कर रहे हैं पंजाब के लड़के, देखें वीडियो

India Pakistan Border : पंजाब में आई बाढ़ से अब तक 37 लोगों की जान चली गई है. 3.55 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. बाढ़ में 1.75 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं. बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित गांव गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जिलों में हैं. इस बीच भारत-पाकिस्तान सीमा से एक वीडियो सामने आया है. देखें वीडियो.

India Pakistan Border : पंजाब के फिरोजपुर का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो को न्यूज एजेंसी पीटीआई ने जारी किया है. वीडियो में नजर आ रहा है कि गांव वाले भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित अराजी एडवांस बैराज की सुरक्षा के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं. विभिन्न जिलों और गांवों के युवा मिट्टी से भरी ट्रॉली लाकर मिट्टी के थैलों से बांध को मजबूत कर रहे हैं. सतलज नदी बढ़ते जलस्तर के कारण बीएसएफ की फेंसिंग के बड़े हिस्से पानी में डूब गए हैं. नदी की तेज बहाव से दोनों तरफ खतरा बढ़ गया है. सीमा के दूसरी तरफ पाकिस्तान के पोस्ट भी नदी की उग्र लहरों का सामना कर रहे हैं. स्थानीय लोग और जवान मिलकर बैराज बचाने में जुटे हुए हैं. देखें वीडियो.

कपूरथला रेल कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी आई सामने

पंजाब में कई जगहों पर बाढ़ के कारण नौका ही लोगों तक पहुंचने का एकमात्र तरीका बन गई है. ऐसे में कपूरथला की कंपनी ‘हंसपाल ट्रेडर्स’ राहत कार्यों में मदद के लिए नौकाएं बना रही है और उन्हें राज्य में भेज रही है. पंजाब 1988 के बाद सबसे भारी बाढ़ का सामना कर रहा है. कंपनी के मालिक प्रीतपाल सिंह हंसपाल ने बताया कि वे आमतौर पर रेलवे कोच के पुर्जे बनाते हैं, लेकिन इन दिनों नौकाएं बनाकर बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों में मदद कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह लोगों की सेवा का एक तरीका है.

यह भी पढ़ें : Punjab Flood Video : 1988 के बाद की सबसे भयानक बाढ़, डरावना वीडियो आया सामने

जीवन की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं पंजाब के लोग

पंजाब इस समय दशकों में आई सबसे भारी बाढ़ का सामना कर रहा है. यह बाढ़ सतलुज, व्यास और रावी नदियों के बढ़ते जलस्तर और हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर में उनके जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण आई है. राज्य में हुई अतिरिक्त बारिश ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जिससे लोगों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. लोग अपने घरों और जीवन की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >