India China Face off : भारत और चीन के बीच कॉर्प्स कमांडर लेवल की बैठक में आखिर क्या हुई बातचीत ? मीटिंग बीती रात 11 बजे तक चली

India China Face off: लद्दाख (ladakh) में हिंसक झड़प के बाद भारत और चीनी सेना (indian army pla clash) के बीच तनाव को कम करने के लिए लगातार बातचीत का सिलसिला जारी है. इस बातचीत को चीन क्या गंभीरता से नहीं ले रहा है ? ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि चीन मीटिंग में तो बातें मानता है लेकिन जमीनी स्तर पर वह इसे अमल में लाता नहीं दिखता है. इधर, भारत ने चीन को साफ कह दिया है कि उसे 22 जून को तय हुए प्लान के हिसाब से अपने जवानों को पीछे हटाना ही पड़ेगा. भारत और चीन के बीच मंगलवार को भी बातचीत हुई जो तीसरे दौर की बातचीत थी.

India China Face off: लद्दाख (ladakh) में हिंसक झड़प के बाद भारत और चीनी सेना (indian army pla clash) के बीच तनाव को कम करने के लिए लगातार बातचीत का सिलसिला जारी है. इस बातचीत को चीन क्या गंभीरता से नहीं ले रहा है ? ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि चीन मीटिंग में तो बातें मानता है लेकिन जमीनी स्तर पर वह इसे अमल में लाता नहीं दिखता है. इधर, भारत ने चीन को साफ कह दिया है कि उसे 22 जून को तय हुए प्लान के हिसाब से अपने जवानों को पीछे हटाना ही पड़ेगा. भारत और चीन के बीच मंगलवार को भी बातचीत हुई जो तीसरे दौर की बातचीत थी.

इस मीटिंग में 14 कॉर्प्स कमांडर लेफ्टिनेंट-जनरल हरिंदर सिंह और चीन की तरफ से मेजर जनरल लुई लिन शिरकत करने पहुंचे थे. दोनों के बीच ऐसी बातचीत 6 और फिर 22 जून को हो चुकी है. गलवार की मीटिंग चुशूल-माल्डो बॉर्डर पर भारत की तरफ हुई थी जो सुबह 11 बजे शुरू होकर देर रात तक चली.

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नक्शेबाजी पर उतरा चीन पैंगोंग के किनारे बनाया मैप

बॉर्डर पर तनाव दूर करने के लिए चल रही बातचीत के बीच चीन नयी साजिश पर उतर आया है. सेटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक, पैंगोंग त्सो जहां पर चीनी सेना ने घुसपैठ की है, वहां अब वे अपने कब्जे को जाहिर करने की नयी तरकीबें लगा रहे हैं. तस्वीरों में दिख रहा है कि चीन ने पैंगोंग में फिंगर 4 और 5 के बीच अपने देश का बड़ा-सा मैप उकेरा है. पास ही में एक निशान भी बनाया है, जो सेटेलाइट ने कैप्चर किया है. बता दें कि झील के किनारे मौजूद पहाड़ियों को फिंगर्स कहते हैं. भारत के मुताबिक, फिंगर 1 से 8 तक पेट्रोलिंग का अधिकार उसके पास है, जबकि चीन फिंगर 4 तक अपना इलाका मानता है. फिंगर 4 के पास दोनों देशों की सेनाएं कई बार भिड़ चुकी हैं.


अब चीन ने भूटान की भूमि पर जताया हक

चीन अपने पड़ोसी देशों के खिलाफ हर रोज नयी-नयी चाल चल रहा है. उसने भूटान के ‘सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य’ की जमीन पर अपना हक जताया है. साथ ही इसके लिए होने वाली फंडिंग का भी विरोध किया है. वहीं, भूटान ने चीन की इस चाल पर कड़ी आपत्ति जतायी है. उसने कहा है कि सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य भूटान का एक अभिन्न और संप्रभु क्षेत्र है. भारत ने भी भूटान का पक्ष लिया है.

Posted By : Amitabh Kumar

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By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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