India China Standoff : गलवान घाटी की घटना के बाद चीन के साथ जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. दोनों देशों के बीच एलएसी पर शांति को लेकर कई स्तर की वार्ताओं का आयोजन हो चुका है. इसी बीच चीन ने दावा किया है कि भारत और चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा LAC पर 5-पॉइंट सहमति लागू करने पर सहमति जताई है. बता दें कि यह सहमति 20 अगस्त को मॉस्को में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बैठक में बनी थी. भारत-चीन सीमा के मुद्दों पर वर्किंग मकैनिज्म फॉर कंसल्टेशन ऐंड कोऑर्डिनेशन पर आज वर्चुअल बैठक हुई. इस बैठक में दोनों पक्षों ने इस महीने के शुरू में दो रक्षा मंत्रियों और दो विदेश मंत्रियों के बीच हुई बैठकों के महत्व पर भी जोर दिया है.
वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि भारत और चीन राजनयिक और सैन्य स्तर पर परामर्श जारी रखने के लिए सहमत हुए. वे इस बात पर सहमत हुए कि वरिष्ठ कमांडरों की बैठक का अगला (7 वां) दौर एक शुरुआती तारीख में आयोजित किया जाना चाहिए ताकि दोनों पक्ष बेहतर तरीके से जमीनी हालात सुलझाने की दिशा में काम कर सकें. मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि 30 सितंबर, 2020 को WMCC की 19वीं मीटिंग वीडियो के जरिए की गई.
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पिछले लगभग पांच महीनों से लद्दाख सरहद पर भारत और चीनी सेना युद्ध (India China Standoff) के मोर्चे पर तैनात नजर आ रही है. भारत ने किसी भी चीनी दुस्साहस से निपटने के लिए पूर्वी लद्दाख में तीन अतिरिक्त सेना डिविजन की तैनाती की है. इससे पहले भारत ने चीन के इस दावे को सिरे के खारिज कर दिया था. भारत ने मंगलवार को कहा था कि उसने 1959 में ‘एकतरफा रूप से’ परिभाषित तथाकथित वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को कभी स्वीकार नहीं किया है और चीनी पक्ष सहित सभी इस बारे में जानते हैं.
