India China Talks: पूर्वी सेक्टर में तनाव कम करने के लिए यह पहला मौका होगा, जब दोनों देशों के शीर्ष सैन्य अधिकारी अरुणाचल में आमने-सामने बैठेंगे. 2020 की गलवान झड़प के बाद से ऐसी सभी बैठकें केवल लद्दाख के 'चशुल-मोल्डो' पॉइंट पर ही होती रही हैं.
लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया करेंगे भारतीय दल का नेतृत्व
भारतीय सीमा में होने वाली इस वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई 3 कोर के कमांडर ले. जनरल गिरीश कालिया करेंगे. रक्षा सूत्रों के मुताबिक, सीमा पर चीन की हरकतों पर भारतीय सेना का रुख बेहद कड़ा है. सीमा पर अलग-अलग दावों के कारण अक्सर तनाव पैदा होता है, जिसे टालने के लिए यह बातचीत अहम है.
अजीत डोभाल के दौरे के बाद बड़ी कोशिश
यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की हालिया चीन यात्रा के बाद तय की गई है. उस दौरे में दोनों देशों ने सीमा पर शांति बनाए रखने पर सहमति जताई थी. इस बैठक से ठीक पहले थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने भी 3 कोर मुख्यालय जाकर सैन्य तैयारियों की समीक्षा की थी.
अरुणाचल सीमा की सुरक्षा तेजपुर स्थित 4 कोर और रांगापहाड़ स्थित 3 कोर संभालती हैं. गलवान घटना के बाद से ही भारत ने इस पूरे इलाके में अपनी रणनीतिक और सैन्य पकड़ को काफी मजबूत किया है.
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