पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारत और चीन के बीच जारी तनाव के बीच भारत को फ्रांस का साथ मिला है. फ्रांस के रक्षामंत्री ने राजनाथ सिंह को पत्र लिख कर भारतीय जवानों की शहादत पर दुख जताया तो मंगलवार को फ्रांस के विदेश मंत्री ने भारत में अपने समकक्ष एस जयशकंर से विस्तृत चर्चा की. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसकी जानकारी दी.
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एएनआई के मुताबिक, विदेश मंत्री ने कहा कि आज फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-यवेस ले ड्रियन से कई मसलों पर विस्तृत वार्ता हुई. इसमें कोरोना से निपटने का मुद्दा प्रमुख रहा. इसके साथ ही सुरक्षा और राजनीतिक प्रतिबद्धता पर भी चर्चा हुई. कोरोना के खिलाफ जंग में एक दूसरे के सहोयग पर बात हुई. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में समर्थन देने के लिए शुक्रिया अदा किया.
फ्रांस की सेना के साथ पूरा समर्थन
फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली ने सोमवार को अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह को एक पत्र लिख कर कहा, यह सैनिकों, उनके परिवारों और राष्ट्र के खिलाफ एक कठिन आघात था. इन कठिन परिस्थितियों में, मैं फ्रांसीसी सशस्त्र बलों के साथ अपने दृढ़ और मैत्रीपूर्ण समर्थन को व्यक्त करना चाहती हूं. फ्रांस की सेना आपके साथ खड़ी है. इस बात को याद करते हुए कि भारत इस क्षेत्र में फ्रांस का रणनीतिक साझेदार है. रक्षा मंत्री पार्ली ने अपने देश की गहरी एकजुटता को दोहराया. फ्रांस की मंत्री ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निमंत्रण पर उनसे भारत में मिलने की इच्छा भी जताई, ताकि इस चर्चा और आगे बढ़ाया जा सके.
फ्रांस से आने वाला है राफेल
बता दें कि भारत फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीदने का सौदा कर चुका है. 27 जुलाई को अंबाला एयरबेस में भारत को 6 राफेल विमान मिलने वाले हैं. बता दें कि पहले केवल 4 लड़ाकू विमान ही आने वाले थे लेकिन अब फुली लोडेड 6 राफेल आएंगे. भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव के बीच यह काफी अहम माना जा रहा है. लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के मद्देनजर भारतीय वायुसेना पिछले दो सप्ताह से हाई अलर्ट पर है. पिछले सात सप्ताह से दोनों देशों की सेनाओं के बीच गतिरोध कायम है.
Posted By: Utpal kant
