India-China: किसी तरह की सीमा विवाद का हल बातचीत से है संभव

डिफेंस डायलॉग का काफी महत्व है और इसके जरिये ही चीन और भारत सीमा विवाद को हल करने में सफल रहे हैं. वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बहाल करने के लिए व्यापक सहमति बन गयी है.

India-China: पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन-भारत के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को बातचीत के जरिये हल किया गया है. सीमा विवाद को हल करने के लेकर बनी सहमति पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि डिफेंस डायलॉग का काफी महत्व है और इसके जरिये ही चीन और भारत सीमा विवाद को हल करने में सफल रहे हैं. वास्तविक नियंत्रण रेखा पर यथास्थिति बहाल करने के लिए व्यापक सहमति बन गयी है.

भारतीय सेना द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार चाणक्य डायलॉग को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा के कुछ क्षेत्रों में विवाद सुलझाने के लिए भारत और चीन के बीच सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई दिनों से बातचीत चल रही थी. दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद यथास्थिति बहाल करने के लिए व्यापक सहमति बनी है. समझौते के तहत भारत पहले की तरह पेट्रोलिंग करेंगे और चरवाहों को भी पहले की तरह जानवरों को चराने की आजादी मिलेगी. किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से ही संभव है. 


पिछले चार साल से चीन के साथ सीमा पर था तनाव

गलवान घाटी में जून 2020 में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गयी थी. इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गये थे. इस झड़प में कई चीनी सैनिकों के भी मारे जाने की खबर थी, लेकिन चीन ने कभी भी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की. इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था और दोनों देश की सेना सीमा पर तैनात की गयी थी.

तनाव के बीच भी सीमा विवाद को हल करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत का दौर रहा. सोमवार को सरकार ने बयान जारी कर कहा कि पूर्वी लद्दाख में गश्त को लेकर एक समझौता हो गया है. इसके बाद चीन ने भी समझौते की पुष्टि की. समझौते के बाद पांच साल ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई. 

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By Anjani Kumar Singh

Anjani Kumar Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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