केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले देश के सैनिकों और सैन्य अफसरों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा ये एक खास अवसर होता है जब वे देशवासियों से रूबरू होते हैं; और समय-समय पर होने वाली मुलाकातों से इसका अनुभव काफी अलग होता है. उन्होंने कहा कि इस दिन सिर्फ किसी एक टुकड़ी की बात नहीं होती बल्कि डिफेंस सेक्टर के डेवलपमेंट की बात होती है. राजनाथ सिंह ने भारत की आजादी के 80 सालों में की प्रगति को एक प्रेरक गाथा बताया.
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया याद
राजनाथ सिंह ने कहा कि 79 साल पहले स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान से देश को आजादी मिली थी. उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सरोजिनी नायडू, रानी गैदिनल्यू समेत उन सभी ज्ञात-अज्ञात नायकों को याद किया, जिन्होंने स्वतंत्र भारत की नींव रखी. उन्होंने कहा कि आजादी की इस विरासत को सुरक्षित रखने और देश की संप्रभुता की रक्षा करने की जिम्मेदारी सशस्त्र बल निभा रहे हैं.
रक्षा क्षेत्र के विकास और भविष्य पर की बात
रक्षा मंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत के रक्षा क्षेत्र ने 1947 से अब तक लंबा सफर तय किया है और इसमें काफी प्रगति हुई है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वह केवल बीते वर्षों के इतिहास की बात नहीं करना चाहते, बल्कि वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान देना चाहते हैं. उन्होंने सैनिकों के अनुशासन, साहस और देश के प्रति समर्पण को हर भारतीय के लिए प्रेरणा बताया. साथ ही कहा कि जवानों की सेवा और बलिदान के लिए पूरा देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा.
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