IMD: मौसम की सटीक भविष्यवाणी के लिए शुरू हुआ भारत फोरकास्ट सिस्टम

सोमवार को स्वदेशी विकसित हाई-रिजोल्यूशन ग्लोबल फोरकास्ट मॉडल (एचजीएफएम) यानी भारत फोरकास्ट सिस्टम (बीएफएस) को शुरू किया. इस सिस्टम के शुरू होने से देश में मौसम की भविष्यवाणी और सटीक तरीके से हो सकेगी. सर्दी, गर्मी, बारिश, तूफान का सटीक और क्षेत्रवार भविष्यवाणी करने में मदद मिलेगी. आईआईटीएम द्वारा स्वदेशी तकनीक पर विकसित नए भारत फोरकास्ट सिस्टम का रिजोल्यूशन पहले की तुलना में काफी बेहतर है.

IMD: देश में मौसम की सटीक भविष्यवाणी के लिए आधुनिक तकनीक के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है. सैटेलाइट को तकनीक के प्रयोग से देश में मौसम का सटीक पूर्वानुमान लगाने की सुविधा उन्नत हुई. मौसम के सटीक आकलन से जान और माल की सुरक्षा में काफी मदद मिल रही है. सोमवार को स्वदेशी विकसित हाई-रिजोल्यूशन ग्लोबल फोरकास्ट मॉडल (एचजीएफएम) यानी भारत फोरकास्ट सिस्टम (बीएफएस) को शुरू किया. इस सिस्टम के शुरू होने से देश में मौसम की भविष्यवाणी और सटीक तरीके से हो सकेगी. सर्दी, गर्मी, बारिश, तूफान का सटीक और क्षेत्रवार भविष्यवाणी करने में मदद मिलेगी. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्राॅपिकल मेट्रोलॉजी(आईआईटीएम) द्वारा स्वदेशी तकनीक पर विकसित नए भारत फोरकास्ट सिस्टम का रिजोल्यूशन पहले की तुलना में काफी बेहतर है.

पहले मौसम विभाग ग्लोबल फोरकास्ट सिस्टम (जीएफएस) का प्रयोग कर रहा था, स्वदेशी बीएफएस की क्षमता दोगुनी है. सोमवार को केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने विज्ञान भवन में इस नयी मौसम पूर्वानुमान प्रणाली का उद्घाटन करते हुए कहा कि इससे भारतीय मौसम विभाग की क्षमता में काफी वृद्धि होगी. मौसम पूर्वानुमान में भारत दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. मौसम पूर्वानुमान के इस अनूठी पहल से अर्थव्यवस्था को और भी मजबूती मिलेगी. मौसम की सटीक भविष्यवाणी से नुकसान को कम किया जा सकेगा.

 
सटीक और समय से पहले मौसम का अनुमान लगाना होगा आसान


भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि नये भारत फोरकास्ट सिस्टम से अब मौसम को लेकर सटीक और समय से पहले आकलन करने में आसानी होगी. खासकर तूफान, बारिश जैसे हालातों की तय समय से पहले जानकारी मिलने से नुकसान को कम करने के लिए सही कदम उठाने में मदद मिलेगी. वर्ष 2022 में इस तकनीक पर काम किया जा रहा था. रतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉक्टर मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि नयी तकनीक से 6 किलोमीटर के दायरे में मौसम का सटीक अनुमान लगाने वाला भारत पहला देश है. इस तकनीक से भारतीय सेना, नेवी, एनडीआरएफ को भी काफी फायदा होगा.

मौसम विभाग की वेबसाइट और एप्लीकेशन के जरिए 10 दिनों के मौसम की भविष्यवाणी और चेतावनी की जानकारी लोगों को मिलेगी. सबसे अच्छी बात है कि इस सिस्टम को महिला वैज्ञानिकों की टीम ने विकसित किया है और इसकी सफलता के लिए वर्षों मेहनत की. खास बात है कि देश में कृषि, स्पेस, परिवहन जैसे कई विभाग मौसम विभाग के रोजाना के डेटा पर आश्रित हैं.  

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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