IMA ने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी, इन मुद्दों पर व्यक्तिगत हस्तक्षेप का किया आग्रह

इस चिट्टी में प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया ताकि समस्याओं का हल जल्दी निकले. आईएमए ने अपनी चिट्ठी में छह महत्वपूर्ण विषयों को जोड़ा है. इस चिट्ठी में आईएमए ने सबसे पहले अपने संगठन, इसकी स्थापना औऱ किये गये कार्यों की जानकारी दी है. इसके बाद उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में डॉक्टरों ने कैसे इसके खिलाफ युद्ध स्तर पर काम किया है.

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है. इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि IMA द्वारा उठायी गयी समस्याओं का जल्द से जल्द हल निकले और डॉक्टर बिना किसी डर के अपना काम कर सकें इसके लिए सुरक्षित माहौल तैयार किया जाये.

इस चिट्टी में प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया ताकि समस्याओं का हल जल्दी निकले. आईएमए ने अपनी चिट्ठी में छह महत्वपूर्ण विषयों को जोड़ा है. इस चिट्ठी में आईएमए ने सबसे पहले अपने संगठन, इसकी स्थापना औऱ किये गये कार्यों की जानकारी दी है. इसके बाद उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में डॉक्टरों ने कैसे इसके खिलाफ युद्ध स्तर पर काम किया है.

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इसके बाद वैक्सीन ही कोरोना से एक मात्र हथियार है जिससे जीत हालि की जा सकती है. इस चिट्ठी में लिखा है कि कैसे आईएमए पहले दिन से ही देश में टीकाकरण अभियान को प्रोत्साहित करने, समर्थन देने और बढ़ाने के लिए सरकार के साथ सक्रिय रूप से खड़ा रहा है.

इसके बाद आईएमए ने चिंता जाहिर की है और लिखा इस देश में डॉक्टरों और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों के खिलाफ शारीरिक हिंसा की बढ़ती घटनाओं को देखकर हमें भी गहरा दुख हुआ है. असम में हमारे युवा डॉक्टर पर क्रूर हमला और देश भर में महिला डॉक्टरों और यहां तक ​​कि अनुभवी चिकित्सकों पर हमले-वास्तव में चिकित्सकों के बीच मानसिक आघात पैदा कर रहे हैं.

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प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी में जिन महत्वपूर्ण बातों का जिक्र किया है

  • वैक्सीन को लेकर फैलायी जाने वाली अफवाह को लेकर है कार्रवाई की मांग की गयी है.

  • डॉक्टरों पर हिंसा रोकने और हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गयी है.

  • कोरोना संक्रमण में जान गवाने वाले डॉक्टरों को शहीद के रूप में पहचान देने की मांग की है और कहा है कि डॉक्टरों के परिवार वालों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए, यह सुनिश्चित करें

  • मुफ्त टीका को बढ़ावा देना चाहिए और ब्लैक फंगस से लड़ने के लिए दवाओं की उपलब्धता पर ध्यान देना चाहिए

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