श्रमिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की मदद के लिए थिंक टैंक की स्थापना करेगा IIM कोझिकोड

IIM Kozhikode: प्रोफेसर देबाशीष चटर्जी ने संस्थान द्वारा जारी एक बयान में कहा- इस केंद्र का बड़ा उद्देश्य स्थायी उद्यमों का समर्थन करते हुए औपचारिक नौकरियों के अनौपचारिक होने से रोकने के लिए साथी शिक्षाविदों, विचारकों, सरकार और निगमों के विचारों को एक साथ लाएगा.

IIM Kozhikode: केरल के कोझिकोड स्थित भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम-के) ने एक थिंक टैंक सेंटर फॉर एम्प्लॉयमेंट रिलेशंस एंड लेबर स्टडीज (CERLS) की स्थापना की घोषणा की है जो श्रमिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की आर्थिक स्थिति में बदलाव लाने में मदद करेगा. संस्थान के निदेशक, प्रोफेसर देबाशीष चटर्जी ने बताया कि सहकारी रोजगार संबंधों के माध्यम से स्थायी संगठन बनाने के लिए सीईआरएलएस उत्कृष्टता केंद्र होगा.

सरकार और निगमों के विचारों को लाएगा एक साथ

प्रोफेसर देबाशीष चटर्जी ने संस्थान द्वारा जारी एक बयान में कहा- इस केंद्र का बड़ा उद्देश्य स्थायी उद्यमों का समर्थन करते हुए औपचारिक नौकरियों के अनौपचारिक होने से रोकने के लिए साथी शिक्षाविदों, विचारकों, सरकार और निगमों के विचारों को एक साथ लाएगा. इसके अतिरिक्त, केंद्र निष्पक्ष श्रम मानकों को बनाए रखने के लिए संगठनों के साथ मिलकर काम करेगा. बयान में कहा गया है कि सीईआरएलएस का नेतृत्व आईआईएम-के में मानव संसाधन प्रबंधन क्षेत्र के प्रोफेसर मनोरंजन ढल करेंगे.

पहला सम्मेलन अगले साल जनवरी में

प्रोफेसर मनोरंजन ढल ने एक बयान में कहा कि कामकाज में बढ़ती तकनीकी हिस्सेदारी ने श्रमिक वर्ग के लोगों के बीच जीवन की गुणवत्ता में भारी अंतर पैदा कर दिया है. CERLS देश में श्रम से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए हर साल एक नियमित श्रम सम्मेलन आयोजित करने की योजना बना रहा है और इसका पहला सम्मेलन अगले साल जनवरी में होगा.

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