लोकसभा चुनाव से पहले टूटेगा I-N-D-I-A Alliance! अखिलेश यादव ने राहुल गांधी को लेकर कह दी बड़ी बात

मुलायम सिंह यादव, शरद यादव, लालू प्रसाद यादव और साउथ इंडिया की पार्टियों ने लोकसभा में मांग उठाई तो कांग्रेस ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था. अखिलेश यादव ने ये कहकर किया कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जोरदार हमला...

लोकसभा चुनाव से पहले पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. प्रचार में पहुंचे नेता अपने विरोधियों पर जमकर वार कर रहे हैं. लेकिन इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव लगातार कांग्रेस पर हमलावर नजर आ रहे हैं. ताजा हमला उन्होंने जाति जनगणना को लेकर किया है. सपा नेता के हमले के बाद INDIA alliance में टूट की खबर को हवा मिल रही है. दरअसल, राहुल गांधी के बयान पर अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश के सतना में कहा कि कांग्रेस वह पार्टी है जिसने आज़ादी के बाद जातीय जनगणना नहीं कराई. लोकसभा में जब तमाम दल जातीय जनगणना की मांग कर रहे थे तब उन्होंने जातीय जनगणना नहीं कराई, आज वे ऐसा क्यों कराना चाहते हैं? क्योंकि वे जानते हैं कि उनका पारंपरिक वोटबैंक उनके पास नहीं है. आपको बता दें कि बीजेपी के खिलाफ लोकसभा चुनाव में ताल ठोंकने के लिए विपक्ष ने एक गठबंधन बनाया है जिसका हिस्सा कांग्रेस और सपा दोनों है.

सपा नेता अखिलेश यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी पर कटाक्ष किया जिसमें उन्होंने कहा था कि जाति जनगणना एक ‘‘एक्स-रे’’ की तरह होगी जो देश में विभिन्न समुदायों के संबंध में विस्तार से जानकारी देगी. सपा नेता ने मजाकिया लहजे में कहा कि जब एमआरआई (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) और सीटी (कंप्यूटेड टोमोग्राफी) स्कैन जैसी नयी टक्नोलॉजी हमारे पास है तो एक्स-रे क्यों? उन्होंने कहा कि सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कांग्रेस जाति जनगणना के बारे में भी बात कर रही है…जो लोग एक्स-रे के बारे में बात कर रहे हैं, ये वही लोग हैं जिन्होंने आजादी के बाद जाति जनगणना बंद करने का काम किया था. सपा नेता ने सवाल किया कि जातियों की गिनती तीन महीने में की जा सकती है… सारा डेटा उपलब्ध है.. सभी के पास आधार कार्ड हैं. इसमें समय क्यों लगेगा…

कांग्रेस ने दिया था पिछड़े वर्ग, दलित और आदिवासी को धोखा

सपा नेता अखिलेश यादव ने भारत को आजादी मिलने के बाद जाति जनगणना नहीं कराने को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि जब नेता जी यानी मुलायम सिंह यादव, शरद यादव, लालू प्रसाद यादव और साउथ इंडिया की पार्टियों ने लोकसभा में मांग उठाई तो कांग्रेस ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा कि वे आज जाति जनगणना क्यों कराना चाहते हैं? क्योंकि वे जानते हैं कि उनका पारंपरिक वोट बैंक खिसक चुका है. लेकिन पिछड़े वर्ग, दलित और आदिवासी जानते हैं कि आजादी के बाद कांग्रेस ने उन्हें धोखा दिया था.

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उल्लेखनीय है कि सपा नेता अखिलेश यादव इन दिनों लगातार कांग्रेस पर हमलावर हैं. पिछले दिनों उन्होंने दावा किया कि 17 नवंबर को मध्य प्रदेश चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर उनके संबंधों में खटास आई है. देश की सबसे पुरानी पार्टी उनके संगठन के साथ गठबंधन नहीं करना चाहती है. पिछले हफ्ते सपा नेता ने कहा था कि कांग्रेस ने मंडल आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं किया और जाति जनगणना का विरोध किया था. मध्य प्रदेश में एक रैली में वे कह चुके हैं कि न तो कांग्रेस और न ही बीजेपी ने गरीबों और किसानों के लिए कुछ किया और न आगे करेंगे.

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कांग्रेस और सपा के बीच पोस्टर वार

समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर अखेलश यादव को देश का ‘भावी प्रधानमंत्री’ बताने वाला एक पोस्टर लगाए जाने के बाद दोनों पार्टियों के बीच पोस्टर वार देखने को मिल चुका है. लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय के बाहर राहुल गांधी को ‘2024 का प्रधानमंत्री’ बताने वाला एक पोस्टर सामने आया था जो सपा के पोस्टर के बाद लगाया गया था. हालांकि, कांग्रेस के साथ तनाव की खबरों के बावजूद, अखिलेश यादव ने पिछले महीने एनडीटीवी से कहा था कि उनकी पार्टी अभी भी इंडिया ब्लॉक का हिस्सा है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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