Hyderabad Liberation Day: 17 सितंबर को हर साल मनाया जाएगा हैदराबाद मुक्ति दिवस, शाह बोले- शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि

Hyderabad Liberation Day: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने हर साल 17 सितंबर को ‘हैदराबाद मुक्ति दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है. मंगलवार को इसकी घोषणा भी कर दी गई. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसको लेकर बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसको लिए बधाई दी. उन्होंने हैदराबाद मुक्ति दिवस मनाने के फैसले को शहीदों की सच्ची श्रद्धांजलि बताया.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया, यह एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि पीएम मोदी ने हैदराबाद मुक्ति आंदोलन के शहीदों के सम्मान में हर साल 17 सितंबर को हैदराबाद मुक्ति दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है. यह निर्णय स्वतंत्रता सेनानियों के लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि है और वे शहीद जिन्होंने हैदराबाद क्षेत्र को क्रूर निजाम शासन से मुक्त कराकर भारत का हिस्सा बने रहने के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया.

‘ऑपरेशन पोलो’ के बाद 17 सितंबर 1948 को हैदराबाद को मिली थी आजादी

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि 15 अगस्त, 1947 को भारत की आजादी के बाद 13 महीने तक हैदराबाद को आजादी नहीं मिली और वह निजाम के शासन में था.‘ऑपरेशन पोलो’ नामक पुलिस कार्रवाई के बाद 17 सितंबर, 1948 को यह क्षेत्र निजाम के शासन से मुक्त हो गया था. अधिसूचना में कहा गया, क्षेत्र के लोगों की ओर से मांग की गई कि 17 सितंबर को हैदराबाद मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाए. हैदराबाद को आजाद कराने वाले शहीदों को याद करने और युवाओं के मन में देशभक्ति की लौ जगाने के लिए भारत सरकार ने हर साल 17 सितंबर को हैदराबाद मुक्ति दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है. निजामों के शासन के अधीन तत्कालीन हैदराबाद रियासत को 17 सितंबर, 1948 को तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा शुरू की गई सैन्य कार्रवाई के बाद भारत संघ में मिला लिया गया था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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