Video : 5 रुपये बचाने के लिए पैदल जाते थे पिता, बेटे ने पहली बार कराई वंदे भारत की सैर...भावुक कर देगी ये कहानी

Video : कभी 5 रुपये का रिक्शा किराया बचाने के लिए रोज पैदल दफ्तर जाने वाले पिता को बेटे ने पहली बार वंदे भारत ट्रेन की सैर कराई. सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस कहानी ने लाखों लोगों को भावुक कर दिया. आप भी देखें आखिर वीडियो में क्या है ऐसा.

Video : सोशल मीडिया पर 'भुक्खड़ मुसाफिर' नाम से मशहूर ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर श्रीकांत और नूपुर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में 80 वर्षीय पिता पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर करते नजर आते हैं. लेकिन इस वीडियो को खास बनाने वाली सिर्फ ट्रेन की यात्रा नहीं, बल्कि उससे जुड़ी भावुक कहानी है. वीडियो में लिखा है कि पापा 5 रुपये का रिक्शा किराया बचाने के लिए रोज पैदल ऑफिस जाया करते थे. आज जब भी मौका मिलता है, मैं वही 5 रुपये और उससे कहीं ज्यादा खर्च करना चाहता हूं, ताकि उन्हें वह आराम और खुशियां मिल सकें, जिनसे उन्होंने हमारी खातिर समझौता किया था.

वीडियो में बुजुर्ग पिता रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते दिखते हैं. ट्रेन आने के बाद वह मुस्कुराते हुए अपनी सीट पर बैठते हैं और खिड़की से बाहर का नजारा देखते हुए सफर का आनंद लेते हैं. उनके चेहरे की खुशी ने लाखों लोगों का दिल जीत लिया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. सैकड़ों लोगों ने भावुक होकर अपनी प्रतिक्रिया दी. कई यूजर्स ने लिखा कि आज बच्चों की सफलता के पीछे माता-पिता के वर्षों के त्याग और संघर्ष का सबसे बड़ा योगदान होता है. कुछ लोगों ने इसे "सफलता की असली परिभाषा" बताया, जबकि कई लोगों ने लिखा कि हर बेटे-बेटी को अपने माता-पिता को ऐसी खुशियां देने की कोशिश करनी चाहिए.


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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

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