Himachal Pradesh Rain Alert : भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और बादल फटने से कुल्लू और कांगड़ा जिलों सहित हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में तबाही मची है. इसमें कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है और पांच अन्य लापता हैं. पहाड़ी राज्य में और अधिक बारिश की उम्मीद है. 29 जून तक के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. अलर्ट में ऊना, बिलासपुर, सोलन, शिमला, सिरमौर, कांगड़ा, चंबा, कुल्लू और मंडी जिलों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका व्यक्त की गई है.
अब तक 250 लोगों को बचाया जा चुका है
मुख्यमंत्री सुखविंदर सुखू ने कहा कि राज्य में तीन स्थानों पर बादल फटने और नौ स्थानों पर अचानक बाढ़ आई है. पुलिस के अनुसार, अब तक 250 लोगों को बचाया जा चुका है और मरने वाले पांच लोगों में से चार की पहचान हो चुकी है. कांगड़ा एसपी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, “जंगल से एक व्यक्ति को बचा लिया गया है. बचे हुए व्यक्ति ने बताया कि जब अचानक बाढ़ आई, तो वह और उसके कुछ साथी जंगल में भाग गए. उसके अनुसार, उसके आठ साथी पानी के बहाव में बह गए.”
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को झटका
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को भी झटका लग सकता है क्योंकि अचानक आई बाढ़ ने गांवों और मनाली जैसे लोकप्रिय स्थलों में कुछ सड़कों को नुकसान पहुंचाया है. मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान पर्यटकों का स्वागत किया है, लेकिन उन्होंने उन्हें नदियों और नालों के पास न जाने की सलाह भी दी है.
बिजली परियोजना में काम करने वाले मजदूर लापता
बुधवार को माझन नाला में जीवा ट्रेंच वीयर के पास बादल फटने के बाद नदी का प्रवाह बढ़ गया. कुल्लू में दो लोग लापता हैं, जबकि कांगड़ा में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. पांच अन्य का पता नहीं चल पाया है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित सभी लोग धर्मशाला के पास मनुनी में एक बिजली परियोजना में काम करने वाले मजदूर हैं.
एनडीआरएफ कमांडेंट बलजिंदर सिंह ने एएनआई को बताया, “केवल एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें ही घटनास्थल पर पहुंच पाई हैं. अब तक छह लोगों के लापता होने की खबर है.
