Himachal Landslide Video: हिमाचल में भूस्खलन की चपेट में आई बस, 18 की मौत, पीएम मोदी ने मुआवजे की घोषणा की

Himachal Pradesh Landslide: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम एक निजी बस के भूस्खलन की चपेट में आने से कम से कम 18 यात्रियों की मौत हो गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया और मुआवजे की घोषणा की.

Himachal Pradesh Landslide: हिमाचल प्रदेश में दुर्घटना झंडूता विधानसभा क्षेत्र के भालूघाट इलाके में हुई. बस में 30-35 यात्री सवार थे और यह हरियाणा के रोहतक से घुमारवीं जा रही थी. बचाव कार्य जारी है. अब तक मलबे से 18 शव बरामद किये जा चुके हैं. जबकि तीन लोगों को बचाकर अस्पताल भेजा गया है.

कैसे हुआ हादसा?

बचाव कार्य में शामिल एक पुलिसकर्मी ने बताया कि पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बस पर गिर पड़ा और यात्रियों के बचने की संभावना बहुत कम है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. इस क्षेत्र में सोमवार से रुक-रुककर बारिश हो रही है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, मुआवजे की घोषणा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस हादसे पर दुख जताया. पीएमओ ने ट्वीट किया, “हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में हुई दुर्घटना में लोगों की मौत से दुखी हूं. इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं. प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.”

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हादसे पर जताया दुख

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हादसे पर दुख जताया. उन्होंने एक्स पर लिखा, “हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में भूस्खलन के कारण हुई बस दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है. मैं उन परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं. जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं.”

गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे पर जताया दुख

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में भूस्खलन के कारण हुई बस दुर्घटना से मुझे गहरा दुख हुआ है. एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं और बचाव कार्य में लगी हुई हैं. मैं इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं. साथ ही, मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं.”

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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