Haryana CM Oath Ceremony: नायब सिंह सैनी 17 अक्टूबर को लेंगे शपथ, ये हो सकते हैं हरियाणा सरकार में मंत्री

Haryana CM Oath Ceremony: नायब सिंह सैनी 17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. जानें कौन हो सकते हैं हरियाणा सरकार में मंत्री

Haryana CM Oath Ceremony: हरियाणा विधानसभा चुनाव के रिजल्ट आने के 9 दिन बाद यानी 17 अक्टूबर को नाय​ब सिंह सैनी प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे. केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नायब सिंह सैनी प्रदेश के सीएम पद की शपथ 17 अक्टूबर को पंचकूला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लेंगे.

बीजेपी ने चुनावों के दौरान संकेत दिया था कि मार्च में मुख्यमंत्री के रूप में मनोहर लाल खट्टर की जगह लेने वाले और अन्य पिछड़ा वर्ग से आने वाले सैनी यदि जीत दर्ज करते हैं तो शीर्ष पद के लिए वह पार्टी की पसंद होंगे. बीजेपी ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 48 सीट हासिल की है जो कांग्रेस की सीट संख्या से 11 ज्यादा है. चुनाव में जेजेपी और आम आदमी पार्टी (आप) का सफाया हो गया जबकि इनेलो सिर्फ दो सीट जीतने में सफल रही.

इन दो लोगों को हरियाणा सरकार में मिल सकती है जगह

निवर्तमान सैनी कैबिनेट के 10 में से आठ मंत्रियों को हरियाणा विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन महिपाल ढांडा और मूलचंद शर्मा क्रमश: पानीपत ग्रामीण और बल्लभगढ़ सीट से जीत दर्ज करने में सफल रहे. सूत्रों ने कहा कि ढांडा, जो जाट समुदाय से आते हैं, और शर्मा (एक वरिष्ठ नेता और एक ब्राह्मण चेहरा), दोनों नई सरकार में मंत्री पद के संभावित दावेदारों में शामिल हैं.

मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 14 मंत्री हो सकते हैं हरियाणा में

हरियाणा में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 14 मंत्री हो सकते हैं. बीजेपी ने इस बार अहीरवाल क्षेत्र में अपना प्रभुत्व बरकरार रखा. हरियाणा की 17 अनुसूचित जाति (एससी) के लिए सुरक्षित सीट में से बीजेपी ने आठ पर जीत हासिल की. दलित समुदाय के जो नेता मंत्री पद की दौड़ में शामिल हो सकते हैं उनमें इसराना सीट से जीते वरिष्ठ नेता कृष्ण लाल पंवार और कृष्ण कुमार शामिल हैं. राज्यसभा सदस्य रहे पंवार ने विधानसभा चुनाव लड़ा था. नरवाना से जीते पूर्व विधायक कृष्ण कुमार भी मंत्री पद के लिए पसंद हो सकते हैं. दक्षिण हरियाणा के अहीरवाल क्षेत्र में पार्टी ने 11 में से 10 सीट जीती हैं. इस क्षेत्र के अधिकांश उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री और गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत सिंह के करीबी माने जाते हैं. राव की बेटी आरती सिंह राव, जो अटेली सीट से जीतीं, भी मंत्री पद की दौड़ में हैं.

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सूत्रों ने बताया कि नारनौल से जीते ओम प्रकाश यादव और बादशाहपुर से जीते वरिष्ठ नेता राव नरबीर सिंह भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं. आरती के अलावा अन्य महिला चेहरों में वरिष्ठ नेता किरण चौधरी की बेटी श्रुति (तोशाम विधानसभा सीट से जीतीं) और शक्ति रानी शर्मा (कालका से जीतीं) भी दौड़ में शामिल हैं. सूत्रों ने बताया कि जीतने वाले तीनों निर्दलीय विधायकों ने घोषणा की है कि वे नई सरकार बनने पर उसका समर्थन करेंगे, लेकिन उनमें से हिसार सीट से विधायक सावित्री जिंदल के नाम को मंत्री पद की दौड़ से बाहर नहीं किया गया है.

ये नेता भी मंत्रियों की दौड़ में शामिल

अन्य दावेदारों में बीजेपी नेता अनिल विज (अंबाला कैंट), श्याम सिंह राणा (रादौर), जगमोहन आनंद (करनाल), हरविंदर कल्याण (घरौंदा), कृष्ण लाल मिड्ढा (जींद), अरविंद कुमार शर्मा (गोहाना), विपुल गोयल (फरीदाबाद), निखिल मदान (सोनीपत) और घनश्याम दास (यमुनानगर) के नाम शामिल हैं. उचाना कलां सीट से जीते देवेंदर अत्री भी संभावित मंत्रियों की दौड़ में शामिल हैं. अत्री ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह को हराया। यह सीट जजपा नेता दुष्‍यंत चौटाला के पास थी.
(इनपुट पीटीआई)

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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