Haldwani Violence: उत्तराखंड ने केंद्र सरकार से मांगी अर्धसैनिक बलों की चार कंपनियां, जानें अब कैसे हैं हालात

एक अवैध मदरसे को तोड़े जाने के बाद आठ फरवरी को हुए दंगों की जांच मजिस्ट्रेट से कराने के शनिवार को आदेश दिए गए. बनभूलपुरा क्षेत्र में गुरुवार को एक अवैध मदरसे को तोड़े जाने को लेकर भीड़ ने आगजनी और तोड़फोड़ की थी. पुलिस ने कहा कि निर्माण करने वाले अब्दुल मलिक की तलाश शुरू कर दी है.

उत्तराखंड के हल्द्वानी में हिंसा के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है. हिंसाग्रस्त हल्द्वानी शहर के बाहरी इलाकों से कर्फ्यू हटा लिया गया है, लेकिन बनभूलपुरा क्षेत्र में यह लागू रहेगा. इधर उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर मलिक का बगीचा क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बलों की चार अतिरिक्त कंपनियां तैनात करने की मांग की है. मालूम हो गुरुवार को स्थानीय लोगों ने नगर निगम कर्मियों और पुलिस पर पथराव किया और पेट्रोल बम फेंके थे, जिससे कई पुलिसकर्मियों को एक थाने में शरण लेनी पड़ी, जिसे भीड़ ने आग के हवाले कर दिया था. एक पत्रकार समेत सात लोगों का शुक्रवार को तीन अस्पतालों में इलाज किया गया. उनमें से तीन की हालत गंभीर बतायी गयी थी.

हिंसा की होगी मजिस्ट्रेट जांच

एक अवैध मदरसे को तोड़े जाने के बाद आठ फरवरी को हुए दंगों की जांच मजिस्ट्रेट से कराने के शनिवार को आदेश दिए गए. बनभूलपुरा क्षेत्र में गुरुवार को एक अवैध मदरसे को तोड़े जाने को लेकर भीड़ ने आगजनी और तोड़फोड़ की थी. पुलिस ने कहा कि निर्माण करने वाले अब्दुल मलिक की तलाश शुरू कर दी है. मुख्य सचिव राधा रतूड़ी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कुमाऊं के आयुक्त दीपक रावत मजिस्ट्रेटी जांच करेंगे और 15 दिन के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे.

Also Read: हल्द्वानी हिंसा पर बड़ा अपडेट, 4 दिन पहले ही इंटेलिजेंस ने किया था अलर्ट, विरोध प्रदर्शन की थी तैयारी

हिंसा के बाद इंटरनेट दिनभर रहे बंद, स्कूलें भी बंद

पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया मंच के माध्यम से अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए शहर में इंटरनेट सेवाएं स्थगित रहीं. पुलिस ने प्रभावित इलाकों में गश्त की और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा. दुकानें तथा स्कूल बंद रहे. नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रह्लाद मीणा ने कहा कि हिंसा के संबंध में अब तक तीन प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं और पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

दंगाइयों की पहचान के लिए खंघाले जा रहे सीसीटी फुटेज

पुलिस ने कहा कि दंगाइयों की पहचान करने के लिए गुरुवार की घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो क्लिप का विश्लेषण किया जा रहा है.

Also Read: UCC लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना उत्तराखंड, विधानसभा में समान नागरिक संहिता बिल पास, जानें खास बातें

कर्फ्यू बनभूलपुरा तक सीमित

नैनीताल की जिलाधिकारी वंदना सिंह ने शनिवार को कर्फ्यू बनभूलपुरा तक सीमित करने का आदेश जारी किया. आदेश में कहा गया है कि कर्फ्यू अब समूचे बनभूलपुरा क्षेत्र तक सीमित रहेगा जिसमें आर्मी छावनी (वर्कशॉप लाइन समेत)-तिकोनिया-तीनपानी और गौलापार बाईपास की परिधि का क्षेत्र शामिल है. नैनीताल-बरेली मोटर रोड पर वाहनों की आवाजाही और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी. हालांकि, उन इलाकों में केवल अस्पताल और दवा की दुकानें ही खुली रहेंगी, जहां कर्फ्यू लागू है.

हिंसा में 6 लोगों की मौत, 60 से अधिक घायल

अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार को हुई हिंसा में छह दंगाइयों की मौत हो गयी थी और 60 से अधिक लोग घायल हुए. हिंसा में मारे गए लोगों के बारे में एसएसपी ने कहा कि पुलिस गोलीबारी में किसी की मौत नहीं हुई और पोस्टमॉर्टम से उनकी मौत की परिस्थितियां स्पष्ट हो जाएंगी. उन्होंने कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद पुलिस ने गोलीबारी की.

हिंसा भड़काने के मामले में अबतक हो चुकी है पांच की गिरफ्तारी

हिंसा भड़काने के मामले में अबतक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और तीन प्राथमिकियां दर्ज की गयी हैं. एडीजी ने कहा कि तीन प्राथमिकियों में 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है. उनमें से पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है और शेष अन्य को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >