हज पर जाने वाले हर यात्री को मिलेगा स्मार्ट बैंड, खतरा लगे तो दबाओ बटन; मिलेगी सरकारी मदद

Haj Pilgrims: सऊदी अरब में हर साल औसतन 18-25 लाख लोग यात्रा करते हैं. भारत से भी हज करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए भारत सरकार अब बड़े कदम उठा रही है. उनकी सिक्योरिटी के लिए एक खास बैंड दिया जाएगा, जिसमें एक बटन होगा. इस बटन को इमरजेंसी सिचुएशन में दबाने पर यात्रियों के पास मदद पहुंच जाएगी.

Haj Pilgrims: हज यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए इस साल एक नई व्यवस्था की जा रही है. उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि हज पर जाने वाले हर यात्री को हाथ में पहनने वाला एक खास बैंड दिया जाएगा. इसमें एक इमरजेंसी बटन होगा. जरूरत पड़ने पर इस बटन की मदद से अधिकारी तुरंत उनकी स्थिति जान सकेंगे और सहायता पहुंचा सकेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार हज यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है. 

पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने अनुमान है कि 2026 में भारत से करीब 1.25 लाख लोग हज यात्रा पर जाएंगे. इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने पहले से ही विस्तृत प्लान तैयार कर लिया है. कोशिश है कि यात्रा के दौरान किसी भी यात्री को परेशानी न हो और हर जरूरत पर तुरंत मदद मिल सके. अभी व्यवस्था यह है कि हर 150 जायरीनों पर एक हज इंस्पेक्टर तैनात रहता है. इस बार तकनीक की मदद से निगरानी और सुरक्षा को और बेहतर किया जाएगा. 

बैंड से हो सकेगी रियल टाइम मॉनिटरिंग

हज यात्रियों को मिले आपातकालीन बटन वाला एक विशेष ‘बैंड’ के जरिए सभी की निगरानी की जा सकेगी. इस डिवाइस से यात्रियों की लोकेशन और सेहत से जुड़ी जानकारी भी प्रशासन तक पहुंचती रहेगी. खासतौर पर बुजुर्ग और बीमार हज यात्रियों को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था काफी मददगार साबित हो सकती है. रियल टाइम मॉनिटरिंग से अधिकारियों को तुरंत पता चल सकेगा कि किसे चिकित्सा सहायता या दूसरी मदद की जरूरत है. इससे हज प्रबंधन पहले से ज्यादा तेज और प्रभावी होने की उम्मीद है.

अंसारी की अगुवाई में बनी थी हाई लेवल कमेटी

अंसारी ने कहा कि सरकार डिजिटल सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर हज के दौरान बेहतर मैनेजमेंट पुख्ता करने की तैयारी में है. अंसारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने उनकी अगुवाई में एक हाई लेवल कमेटी भी बनाई है, जो व्यवस्थाओं की देखरेख कर रही है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता है कि हज यात्रियों को बेहतर व्यवस्था और सहूलियत मिले. हाल ही में वह विदेश मंत्रालय और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों के साथ सऊदी अरब के मक्का गए थे, जहां उन्होंने हज 2026 की तैयारियों का जायजा लिया. 

उन्होंने बताया कि आने वाली हज यात्रा को पहले से ज्यादा सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए बड़े स्तर पर योजना तैयार की गई है. डेलीगेशन ने सऊदी अरब में रहकर हज के दौरान की जमीनी व्यवस्थाओं का जायजा लिया. वहां भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं और ट्रांसपोर्ट जैसी व्यवस्थाओं को नजदीक से देखा गया. 

सऊदी प्रशासन के साथ मिलकर काम करेगा भारत

अंसारी ने बताया कि दुनिया भर से करीब 20 लाख लोग हज के लिए सऊदी अरब पहुंचते हैं. ऐसे में इतने बड़े आयोजन को संभालने के लिए आधुनिक तकनीक की मदद लेना बेहद जरूरी हो गया है. उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार इस पूरी व्यवस्था को लेकर सऊदी सरकार के लगातार संपर्क में है. विदेश मंत्रालय और दूसरे केंद्रीय अधिकारी भी समन्वय में लगे हुए हैं. दोनों देशों के तालमेल से कोशिश की जा रही है कि हज यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुगम और बेहतर अनुभव वाली यात्रा बनाया जा सके.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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