Gujarat Election 2022: साणंद सीट पर भाजपा का खेल बिगाड़ेगी ‘आप’ ? इस उम्मीदवार को उतारा मैदान में

Gujarat Election 2022: गुजरात के गांधीनगर सीट से अमित शाह सांसद हैं जहां की साणंद विधानसभा सीट भाजपा के लिए बहुत ही अहम है. आपको बता दें कि 2012 में साणंद सीट अस्तित्व में आयी थी. यहां अबतक दो बार चुनाव हुए हैं, इनमें एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा ने जीत का परचम लहराया है.

Gujarat Election 2022: इस बार गुजरात का चुनाव रोचक होने वाला है. ऐसा इसलिए क्योंकि भाजपा और कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी यानी ‘आप’ भी चुनावी मैदान में है. पार्टी की ओर से लगातार उम्मीदवारों की घोषणा की जा रही है. एक और उम्मीदवारों की सूची गुरुवार को जारी की गयी है जिसमें साणंद सीट का भी नाम है. यहां से ‘आप’ ने कुलदीप वाघेला को उम्मीदवार बनाया है जो पेशे से उद्योगपति हैं. अब देखना है कि साणंद सीट में आप क्या कमाल कर पाती है. आइए हम आपको इस सीट का समीकरण बताते है.

गुजरात के गांधीनगर सीट से अमित शाह सांसद हैं जहां की साणंद विधानसभा सीट भाजपा के लिए बहुत ही अहम है. आपको बता दें कि 2012 में साणंद सीट अस्तित्व में आयी थी. यहां अबतक दो बार चुनाव हुए हैं, इनमें एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा ने जीत का परचम लहराया है.

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साणंद सीट का समीकरण जानें

गुजरात के गांधीनगर में स्थित साणंद विधानसभा सीट की बात करें तो इसका अस्तित्व 1972 में समाप्त हो गया था. इस सीट का विलय सरखेज विधानसभा सीट में हो गया था. 2012 के परिसीमन हुआ जिसके बाद यह सीट फिर अस्तित्व में आयी और पहला चुनाव साल 2012 में हुआ. इस चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी करमसी पटेल ने पार्टी को यहां से जीत दिलायी. 2017 के विधानसभा चुनाव में करमशी पटेल के बेटे कनु भाई पटेल भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते.

साणंद सीट का जातिगत समीकरण क्‍या है ?

गांधीनगर की साणंद सीट पर सबसे ज्यादा पाटीदार और क्षत्रिय वोटरों की संख्या है. इन दोनों के वोट ही चुनाव परिणाम को तय करने का काम करती है. वर्तमान में साणंद सीट पर कुल मतदाताओं की संख्‍या करीब ढाई लाख हैं. गांधीनगर लोकसभा के अंतर्गत आने वाली इस सीट पर जीत दर्ज करना भाजपा के लिए जरूरी है.

साणंद सीट का मौजूदा हाल

गुजरात की साणंद सीट के वोटरों की बात करें तो यहां के ज्‍यादातर लोग खेती और उद्योगों पर निर्भर हैं. इस इलाके में औद्योगीकरण का सबसे ज्यादा विकास नजर आया है जिस कारण यहां पर रोजगार की समस्या नहीं है. यहां पर विकास के नाम पर वोट नहीं मांगा जा सकता है क्‍योंकि यह एक विकसित क्षेत्र है. हालांकि खबर ये हैं कि इस सीट पर भाजपा किसी नये चेहरे को उम्मीदवार बना सकती है.

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Published by: Amitabh kumar

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