Gujarat Bridge Collapse: इस शख्स की सुन लेती सरकार तो बच जाती 18 जानें, वीडियो से खुली गुजरात हादसे की पोल

Gujarat Bridge Collapse: गुजरात में हुए पुल हादसे में 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. इस हादसे से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक रिपोर्टर पुल की जर्जर हालत की चेतावनी देता नजर आ रहा है. सवाल उठ रहे हैं कि जब पहले से खतरे के संकेत मिल रहे थे, तो सरकार ने कार्रवाई क्यों नहीं की?

Gujarat Bridge Collapse: गुजरात में एक बड़ा हादसा उस वक्त हो गया जब एक पुल के अचानक ढह जाने से 18 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. यह हादसा राज्य के एक ग्रामीण इलाके में हुआ, जहाँ लोग रोज़मर्रा की आवाजाही के लिए इस पुल का इस्तेमाल करते थे. घटना के वक्त पुल पर कई वाहन और लोग मौजूद थे. अब इस हादसे पर एक बड़ा खुलासा सामने आ रहा है. एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल है जिसमें एक रिपोर्टर उसी पुल का रिपोर्टिंग कर रहा है और पुल की जर्जर हालत बता रहा.

पुल के हालात पर की रिपोर्टिंग, सरकार ने नहीं लिया सूद

गुजरात पुल हादसे से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें रिपोर्टर चिल्ला-चिल्लाकर कह रहा था “ये पुल कभी भी गिर सकता है!” वीडियो गुजराती भाषा में है जिसे आप सुन सकते हैं. सवाल ये है कि अगर हादसे की गुंजाइस थी तो सरकार ने सुद क्यों नहीं लिया? इस पुल को लेकर मीटिंग भी हुई लेकिन इसका कोई हल नहीं निकाला गया और अब इसी पुल हादसे में 18 लोगों को जान गंवानी पड़ी. बता दें कि गुजरात के मोरबी में हादसा हुआ था लेकिन लापरवाही पर सावधानी नहीं बरती गई.

43 साल पुराना था पुल, लंबे समय से था जर्जर

गंभीरा पुल 1982 में बनाया गया था और तब से अब तक इसकी मरम्मत नहीं की गई थी. स्थानीय लोग और वाहन चालक लंबे समय से पुल के हिलने और कमजोर हालत की शिकायत कर रहे थे, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. बताया जा रहा है कि सौराष्ट्र से आने वाले भारी वाहन टोल टैक्स बचाने के लिए इस पुल का इस्तेमाल कर रहे थे. हाल ही में इस पुल के बगल में एक नया पुल बनाने की योजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है.

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लेखक के बारे में

By Ayush Raj Dwivedi

आयुष डिजिटल पत्रकार हैं और इनको राजनीतिक खबरों को लिखना, वीडियो बनाना और रिसर्च करना पसंद है. इससे पहले इन्होंने न्यूज इंडिया 24*7 में बतौर कंटेन्ट राइटर और रिपोर्टर काम किया है. इनको बिहार यूपी और दिल्ली की राजनीति में विशेष रुचि है. आयुष को क्रिकेट बहुत पसंद है

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