Television Channels Advisory: कनाडा से तनाव के बीच सरकार ने टीवी चैनलों के लिए जारी किया एडवाइजरी

भारत सरकार ने टेलीविजन चैनलों के लिए एक एडवाइजरी जारी किया है. जिसमें कहा गया है कि ऐसी पृष्ठभूमि के व्यक्तियों के बारे में रिपोर्टों/संदर्भों और विचारों/एजेंडा को कोई भी मंच देने से बचें, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनके खिलाफ गंभीर अपराध/आतंकवाद के आरोप हैं और जो संगठनों से संबंधित हैं.

कनाडा के साथ जारी तनाव के बीच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने टीवी चैनलों को ��ेकर एडवाइजरी जारी किया है. जिसमें चैनलों को सलाह दी गयी है कि देश के दुश्मनों को डिबेट के लिए आमंत्रित न करें.

जानें एडवाइजरी में क्या है खास

भारत सरकार ने टेलीविजन चैनलों के लिए एक एडवाइजरी जारी किया है. जिसमें कहा गया है कि ऐसी पृष्ठभूमि के व्यक्तियों के बारे में रिपोर्टों/संदर्भों और विचारों/एजेंडा को कोई भी मंच देने से बचें, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनके खिलाफ गंभीर अपराध/आतंकवाद के आरोप हैं और जो संगठनों से संबंधित हैं.

सरकार के संज्ञान में आने के बाद उठाया सख्त कदम

टीवी चैनलों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए बताया गया, यह मंत्रालय के संज्ञान में आने के बाद आया है कि विदेशी में एक व्यक्ति जिसके खिलाफ आतंकवाद सहित अपराध के गंभीर मामले हैं, एक ऐसे संगठन से संबंधित है जिसे भारत में कानून द्वारा प्रतिबंधित किया गया है, उसे एक टेलीविजन चैनल पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया था. जिसमें उक्त व्यक्ति ने कई टिप्पणियां की जो देश की संप्रभुता/अखंडता, भारत की सुरक्षा, एक विदेशी राज्य के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों के लिए हानिकारक थीं और देश में सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने की भी संभावना थी.

सरकार ने कहा- मीडिया की स्वतंत्रता को कायम रखती, उसके अधिकारों का सम्मान करती है

सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया, हालांकि सरकार मीडिया की स्वतंत्रता को कायम रखती है और संविधान के तहत उसके अधिकारों का सम्मान करती है, लेकिन टीवी चैनलों द्वारा प्रसारित कंटेंट को सीटीएन अधिनियम, 1995 के प्रावधानों का पालन करना चाहिए, जिसमें धारा 20 की उपधारा (2) भी शामिल है.

भारत और कनाडा के बीच विवाद की क्या है वजह

भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कूटनीतिक विवाद जारी है. दरअसल कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘संभावित’ संलिप्तता का आरोप लगाया था. जिसके बाद यह विवाद उत्पन्न हुआ.

भारत ने कनाडा के सारे आरोपों को बेतुका बताया

भारत ने मंगलवार को इन आरोपों को ‘बेतुका’ और ‘प्रेरित’ बताते हुए खारिज कर दिया था और इस मामले को लेकर कनाडा द्वारा एक भारतीय अधिकारी को निष्कासित किए जाने के बदले में कनाडा के एक वरिष्ठ राजनयिक को निष्कासित कर दिया था. भारत ने बुधवार को और कड़ा रुख अपनाते हुए कनाडा में बढ़ती भारत विरोधी गतिविधियों और राजनीतिक रूप से समर्थित घृणा अपराधों और आपराधिक हिंसा को देखते हुए वहां रह रहे अपने नागरिकों और वहां की यात्रा का विचार कर रहे अपने नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने का परामर्श जारी किया. विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि ट्रूडो के आरोपों में कुछ हद तक पूर्वाग्रह था. उन्होंने कहा कि कनाडा ने मामले को लेकर भारत के साथ कोई विशिष्ट जानकारी साझा नहीं की है. उत्तर अमेरिकी देश में खालिस्तानी समर्थक तत्वों की बढ़ती गतिविधियों के मद्देनजर पिछले कुछ महीनों से भारत और कनाड़ा के संबंध तनावपूर्ण हैं. भारत मानता है कि ट्रूडो सरकार उसकी वास्तविक चिंताओं पर ध्यान नहीं दे रही है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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