Good News: मिडिल क्लास फैमिली को रेल मंत्री ने दी बड़ी सौगात, बजट के तुरंत बाद जानें क्या किया ऐलान?

Good News: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि गैर एसी यात्रा सेवाओं की मांग बढ़ गई है। इसी को मद्देनजर रखते हुए भारतीय रेलवे अगले 3 सालों में 10 हजार अतिरिक्त गैर एसी कोच तैयार करेगा।

Indian Railways: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार 23 जुलाई को संसद में मोदी सरकार 3.0 के पहले बजट को पेश कर दिया। बजट पेश होने के दौरान देश के लोगों की नजरें रेलवे को लेकर होने वाली घोषणाओं पर भी टिकी हुई थी। हालांकि, इस पूरे आम बजट के दौरान केवल एक बार ही रेलवे शब्द का जिक्र किया गया। लेकिन बजट के खत्म होने के तुरंत बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने करोड़ों रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज दी है। आइए जानते है रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या गुड न्यूज दी है?

मिडिल क्लास फैमिली के लिए 2500 नॉन एसी कोच 

रेल मंत्री ने मध्यमवर्गीय और कम आय वाले परिवारों को खुशखबरी देते हुए बताया है कि भारतीय रेलवे अभी 2500 नॉन-एसी कोच बना रहा है। इसी के साथ अगले 3 सालों में 10 हजार अतिरिक्त नॉन एसी कोच और बनाए जाएंगे। इंडियन रेलवे का उद्देश्य यह है कि कम आमदनी और मिडिल क्लास वाली फैमिली किफायती कीमत पर सुरक्षित यात्रा कर सकें। 

नॉन एसी यात्रा की मांग हुई तेज

इंडियन रेलवे ने पिछले कुछ सालों में वंदे भारत ट्रेनों पर ज्यादा फोकस किया है। भारतीय रेलवे की ओर से एक के बाद एक नई वंदे भारत ट्रेन चलाई गई हैं। इसी मुद्दे पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से जब सवाल किया गया कि क्या इंडियन रेलवे का फोकस केवल वंदे भारत और फ्लैगशिप ट्रेनों पर रहेगा और गरीबों के लिए ट्रेनों पर नहीं। सवाल का जवाब देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि हमारे पास एक बड़ा निम्न-आय वर्ग है और हम उस वर्ग को संबोधित कर रहे हैं। वर्तमान में अधिक से अधिक लोग गैर एसी यात्रा सेवाओं की मांग कर रहे हैं। इसलिए भारतीय रेलवे ने एक विशेष अभियान चलाया है। हम 2500 गैर-AC कोच बना रहे हैं। आने वाले 3 वर्षों में हम नियमित उत्पादन कार्यक्रम के अलावा 10000 अतिरिक्त गैर-AC कोच बनाएंगे।  

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By Janardan pandey

जनार्दन पांडेय प्रभात खबर डिजिटल में रेजिडेंट एडिटर हैं. पिछले 14 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और न्यूज रूम, डिजिटल रणनीति और ऑडियंस ग्रोथ पर काम कर रहे हैं. इससे पहले वे अमर उजाला, न्यूज18 और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं.

डिजिटल पत्रकारिता में नए प्रयोग, AI, सॉल्यूशन जर्नलिज्म और मीडिया इनोवेशन उनके पसंदीदा विषय हैं. साल 2024 में उन्हें एक्सचेंज4मीडिया के 40 अंडर 40 सम्मान से सम्मानित किया गया. वे इंडो जर्मन जर्नलिज्म कनेक्ट फेलो भी रह चुके हैं.

जनार्दन दो पुस्तकों के लेखक हैं. बिहार विधानसभा चुनाव पर लिखी उनकी पुस्तक 'बिहार जनादेश 2025: NDA की प्रचंड जीत की पूरी कहानी' और "Rewiring Trust in Journalism" हैंडबुक को व्यापक सराहना मिली. वे समय समय पर डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता और बदलती तकनीक पर लिखते हैं और पत्रकारों को प्रशिक्षण भी देते हैं। 📩 संपर्क : janardan.pandey@prabhatkhabar.in

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