‘लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकता से नहीं होगा कोई लाभ’, गुलाम नबी आजाद का बड़ा बयान

आजाद ने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का राज्य में कोई विधायक नहीं है और सोचने वाली बात है कि अगर दोनों पार्टियां ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ गठबंधन करती हैं, तो इसमें टीएमसी को क्या फायदा होगा.

डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (डीपीएपी) के प्रमुख गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को कहा कि उन्हें 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकता से कोई लाभ होता नहीं दिख रहा1

विपक्षी दलों की बैठक में आजाद को नहीं बुलाया गया

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बुलाई गई विपक्षी दलों की बैठक के बारे में पूछे जाने पर आजाद ने कहा कि उन्हें इसमें आमंत्रित नहीं किया गया है. उन्होंने कहा, विपक्षी एकता का लाभ तभी मिलेगा जब दोनों पक्षों के लिए कुछ होगा. दोनों के लिए लाभ के हिस्से में अंतर हो सकता है – यह 50-50 या 60-40 हो सकता है – लेकिन इस मामले में, दोनों पक्षों के पास दूसरे को देने के लिए कुछ भी नहीं है.

आजाद बोले- बनर्जी गठबंधन क्यों करेंगी?

आजाद ने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का राज्य में कोई विधायक नहीं है और सोचने वाली बात है कि अगर दोनों पार्टियां ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ गठबंधन करती हैं, तो इसमें टीएमसी को क्या फायदा होगा. उन्होंने कहा, बनर्जी गठबंधन क्यों करेंगी? इससे उन्हें क्या फायदा होगा? इसी तरह टीएमसी का राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कोई विधायक नहीं है. कांग्रेस उन्हें इन राज्यों में क्या देगी? कुछ भी नहीं.

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आंध्र प्रदेश को लेकर भी आजाद ने दिया बड़ा बयान

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आजाद ने कहा कि इसी तरह, आंध्र प्रदेश में कांग्रेस के पास एक भी विधायक नहीं है. जबकि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी के पास कहीं और कोई विधायक नहीं है. उन्होंने पूछा, कांग्रेस उन्हें (रेड्डी को) क्या देगी और रेड्डी कांग्रेस को क्या देंगे.

दुर्भाग्य से प्रत्येक विपक्षी दल के पास अपने राज्य के अलावा अन्य राज्यों में कुछ भी नहीं : आजाद

पूर्व केंद्रीय मंत्री आजाद ने स्पष्ट किया कि वह चाहते हैं कि अगले साल होने वाले आम चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने के लिए विपक्ष एकजुट हो जाए. आजाद ने कहा, लेकिन दुर्भाग्य से प्रत्येक विपक्षी दल के पास अपने राज्य के अलावा अन्य राज्यों में कुछ भी नहीं है. यदि दो-तीन दलों ने राज्यों में (गठबंधन में) सरकारें बनाई होती तो यह फायदेमंद होता.

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By Arbindkumar mishra

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करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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