संसद में बोले गौरव गोगोई, 21 छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार है सरकार

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में शिक्षा सुधार पर सरकार की गंभीरता पर प्रश्न उठाए. उन्होंने NEET पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्याओं का हवाला देते हुए मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना की.

Congress MP Gaurav Gogoi : कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा की. उन्होंने NEET पेपर लीक 21 छात्रों के सुसाइड का जिम्मेदार केंद्र सरकार को ठहराया. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, गोगोई ने कहा कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार को लेकर गंभीर पहल नहीं है. उन्होंने कहा कि 2 साल पहले भी इसी तरह का कानून लाया गया था, लेकिन उससे कोई बदलाव नहीं हुआ. उन्होंने NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले का हवाला देते हुए कहा कि आरोपपत्र में शामिल 45 आरोपियों में से 44 को जमानत मिल चुकी है, जो सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े करता है,

'21 छात्रों की मौत पर भी जवाबदेही नहीं'

सांसद गौरव गोगोई ने दावा किया कि परीक्षा व्यवस्था की खामियों के कारण 21 छात्रों ने आत्महत्या कर ली. उन्होंने कहा कि जिस मंत्री के कार्यकाल में यह सब हुआ, उनके इस्तीफे के बाद सदन में लौटने पर उनका स्वागत ऐसे किया गया, मानो उन्होंने कोई बड़ी जीत हासिल की हो. उन्होंने इसे केंद्र सरकार की संवेदनहीनता का उदाहरण बताया.

पीएम मोदी के इंट्राग्राम पर ध्यान देने वाले बयान को लेकर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई संसद में हमलावर दिखे. उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री कैबिनेट मिटिंग में पेपर लीक माफिया को कैसे रोका जाए, पेपर साल्वर को कैसे पकड़ा जाए और परीक्षा प्रणाली में सुधार करने की चर्चा के बजाय. यह कहते हैं कि इंट्राग्राम पर ध्यान दो. यह कितनी शर्मनाक बात है.

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असम के लिए विशेष पैकेज की मांग

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में असम में आई भीषण बाढ़ का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से राज्य के लिए विशेष राहत पैकेज देने की मांग की. उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण लगभग 70 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं. गोगोई ने कहा कि भारी मन से वह केंद्र सरकार से अपील करते हैं कि असम के लोगों की मदद के लिए तत्काल विशेष आर्थिक सहायता दी जाए.

इंस्टाग्राम पर फोकस, शिक्षा सुधार पर नहीं

कांग्रेस सांसद गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा माफिया, पेपर लीक गिरोह और परीक्षा केंद्रों में फैले भ्रष्टाचार पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिक्षा सुधार पर व्यापक चर्चा करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार का ज्यादा ध्यान सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर दिखाई देता है. गोगोई ने कहा कि मौजूदा संशोधन विधेयक भी पहले की तरह केवल दिखावा साबित होगा और शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों का समाधान नहीं कर पाएगा.

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By सत्येन्द्र गिरि

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