गैंगस्टर दीपक बॉक्सर को शाह के आदेश पर FBI ने किया गिरफ्तार, हत्या सहित 10 मामलों में है शामिल

दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया, दीपक बॉक्सर इसी साल जनवरी में फर्जी पासपोर्ट बनाकर दुबई भाग गया था. वह अलग-अलग देशों की यात्रा करता रहा और मैक्सिको पहुंचा. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के 2 अनुभवी अधिकारी मैक्सिको गए. मैक्सिको पुलिस और एफबीआई की मदद से दीपक बॉक्सर को गिरफ्तार किया गया.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने FBI की मदद से गैंगस्टर दीपक बॉक्सर को मैक्सिको में हिरासत में लिया. दिल्ली स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी एचजीएस धालीवाल ने बताया, दीपक बॉक्सर पिछले 5 वर्षों के 10 सनसनीखेज मामलों में शामिल है. उन्होंने बताया, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आदेश के मुताबिक, स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच ने विदेश भागे लोगों की तलाश शुरू कर दी है.

फर्जी पासपोर्ट बनाकर दुबई भागा था दीपक बॉक्सर

दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया, दीपक बॉक्सर इसी साल जनवरी में फर्जी पासपोर्ट बनाकर दुबई भाग गया था. वह अलग-अलग देशों की यात्रा करता रहा और मैक्सिको पहुंचा. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के 2 अनुभवी अधिकारी मैक्सिको गए. मैक्सिको पुलिस और एफबीआई की मदद से दीपक बॉक्सर को गिरफ्तार किया गया. हमारी टीम उसे बुधवार को भारत लाएगी. पुलिस ने दीपक की गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने पर तीन लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी.

दिल्ली के एक बिल्डर की हत्या मामले में शामिल है दीपक बॉक्सर

पुलिस के अनुसार गैंगस्टर दीपक बॉक्सर बिल्डर अमित गुप्ता की हत्या के सिलसिले में वांछित था, जिसकी पिछले साल 23 अगस्त को उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. गोगी-दीपक ‘बॉक्सर’ गिरोह के ‘शार्पशूटर’ अंकित गुलिया ने कथित तौर पर गुप्ता की हत्या की थी. दीपक ने फेसबुक पर गुप्ता की हत्या की जिम्मेदारी ली थी और कहा था कि प्रतिद्वंद्वी टिल्लू गिरोह के साथ निकटता के कारण उसकी हत्या की गई. उन्हें शक था कि गुप्ता ने फज्जा के बारे में पुलिस को सूचना दी थी, जो 2021 में एक मुठभेड़ में मारा गया था.दिल्ली में रोहिणी अदालत परिसर में बदमाश जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या के बाद दीपक, ‘गोगी गिरोह’ चला रहा था. दो हमलावरों ने 24 सितंबर 2021 को गोगी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हमलावर भी मारे गए थे.

गोगी को पुलिस हिरासत से मुक्त कराने पर दीपक सुर्खियों में आ गया था

गोगी को सात साल पहले हरियाणा में पुलिस हिरासत से मुक्त कराने पर दीपक सुर्खियों में आ गया था। वह दो साल पहले यहां गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में पुलिस कर्मियों पर हुए हमले में भी शामिल था और उसने फज्जा को पुलिस हिरासत से भगाने में मदद की थी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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