जल्द भारत आएगा 'एयर इंडिया वन, अभेद्द किले जैसी है खासियत

भारत के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की यात्रा के लिये अब एयर इंडिया वन विमान का इस्तेमाल होगा.

नयी दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की यात्रा के लिये अब एयर इंडिया वन विमान का इस्तेमाल होगा. इस विमान को अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरफोर्स वन की तर्ज पर तैयार किया गया है. कहा जाता है कि एयरफोर्स वन अपने आप में हवा में उड़ता हुआ अभेद्द किला है जिसको भेद पाना नामुमकिन है.

एयरफोर्स वन जैसा होगा एयर इंडिया वन

एयर इंडिया के दो बोइंग-777 विमान को एयरफोर्स वन की तर्ज पर मॉडीफाई किया गया है. विमान तैयार हो चुके हैं. इनमें से एक विमान सितंबर महीने में किसी भी वक्त भारत को सौंप दिया जायेगा. एक विमान इस साल के अंत तक भारत को सौंपा जायेगा. फिलहाल विमानों की टेस्टिंग की जा रही है. इन विमानों के मिलने के बाद प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति की यात्रा और भी अधिक सुरक्षित हो जाएगी.

मिसाइल डिफेंस सिस्टम से लैस होगा विमान

विमान दो सेल्फ प्रोटेक्शन सूट से लैस होगा. विमान में एकीकृत मिसाइल डिफेंस सिस्टम लगा है जो किसी भी मिसाइल हमले की सूचना विमान के पायलट को देगा. इस सूचना के बाद विमान खुद ब खुद उस मिसाइल हमले को नाकाम कर देगा. इसमें एक सेंसर लगा जिसकी मदद से डिफेंसिव इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम एक्टिव हो जायेगा.

एकबार में भर सकेगा 17 घंटे की लंबी उड़ान

विमान डिफेंस सिस्टम, इंफ्रा रेड सिस्टम, डिजिटल रेडियो फ्रीक्वेंसी जैमर से लैस है. इन फीचर्स की वजह से विमान को ट्रैक करना या उसकी पॉजिशन का पता लगाना मुश्किल होगा. पीएम मोदी के लिये बना ये विमान हवा में 900 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है. विमान एक बार में 17 घंटे की उड़ान भर सकता है.

वायुसेना के पायलटों के हाथ होगी कमान

इस विमान का संचालन एयर इंडिया की बजाय भारतीय वायुसेना के हाथों में होगा. इस विमान को वायुसेना के पायलट उड़ाएंगे. एयर इंडिया द्वारा उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है. इन सभी पायलटों को मुंबई के कलीना ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग दी जा रही है.

विमान में गार्जियन लेजर ट्रांसमिटर, मिसाइल वॉर्निंग सेंसर और काउंटर मेडर डिस्पेसिंग सिस्टम भी है. अमेरिका की डिफेंस सिक्योरिटी को ऑपरेशन एजेंसी ने इसे क्लियरेंस दिया है. इस विमान के संचार सिस्टम को हैक या टैप करना नामुमकिन होगा.

विमान में ही होगी मिनी पीएमो की व्यवस्था

विमान मिनी पीएमओ की तरह काम कर सकता है. इसमें सिक्योर मोबाइल और सैटेलाइट फोन और कम्युनिकेशन फैसिलिटी है. इस विमान में एक कांफ्रेंस रूम भी होगा. वीआइपी और सीनियर अधिकारियों के लिये भी जगह बनी होगी. इसमें किचन भी होगा.

ऑन-बोर्ड मेडिकल स्टाफ भी होगा मौजूद

विमान में ऑन बोर्ड मेडिकल स्टाफ होगा. इसमें एक छोटा ऑपरेशन थियेटर भी होगा. एयर एंडिया, एयरफोर्स और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी हाल ही में इस विमान की सुरक्षा तकनीकों को समझने के लिये अमेरिका गए थे. एयरक्राफ्ट में अशोक चक्र के साथ भारत और इंडिया बड़े अक्षरों में लिखा जायेगा. ये किसी अभेद्द किले जैसा होगा.

Posted By- Suraj Thakur

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