'भगवान राम सबके हैं', जानें जम्मू-कश्मीर में फारूक अब्दुल्ला ने क्यों कही ये बात

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) ने कभी भी पाकिस्तान का साथ नहीं दिया है. पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना मेरे पिता शेख मोहम्मद अब्दुल्ला से समर्थन लेने के लिए दौड़े चले आए थे, तो मेरे पिता ने भारत के साथ जाने का फैसला किया.

नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने एक ऐसी बात कह दी है जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है. दरअसल, शनिवार को फारूक अब्दुल्ला ने एक जनसभा में कहा कि लोगों को धर्म के आधार पर बांटकर पार्टी को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है. ये रजनीतिक लोगों की साजिश है. चुनाव के दौरान ये कहते नजर आ जाते हैं कि ‘हिंदू खतरे में हैं’. उन्होंने लोगों से ऐसी बातों में नहीं पड़ने की सलाह दी.

उपरोक्त बातें कहकर फारूक अब्दुल्ला ने भाजपा पर हमला किया. जनसभा को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि कोई भी धर्म खराब नहीं होता है. यह लोग हैं जो करप्ट हैं. धर्म नहीं…उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference, NC) ने कभी भी पाकिस्तान का साथ नहीं दिया. जिन्ना मेरे पिता के पास आये थे. लेकिन हमने उनके साथ जाने से मना कर दिया. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भगवान राम सबके हैं. वे केवल हिंदू धर्म के लोगों के नहीं हैं.

क्या हुआ वादों का

फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में अपने वादे पूरे नहीं किये. 50,000 नौकरियों का वादा किया गया था, कहां गयी वो नौकरियां ? हमारे डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और हमारे बच्चे सभी बेरोजगार हैं. यहां चुनाव जरूरी है. एक राज्यपाल द्वारा सब नहीं किया जा सकता है, आप उसे जवाबदेह नहीं ठहरा सकते हैं.

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पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की वकालत

फारूक अब्दुल्ला ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी पार्टी ने कभी भी पाकिस्तान का पक्ष नहीं लिया है और हमेशा से ही चट्टान की तरह मजबूती के साथ भारत के साथ खड़ी रही. उन्होंने जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की वकालत करते हुए कहा कि वह समय दूर नहीं जब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख एक बार फिर एक साथ होते नजर आएंगे. यहां चर्चा कर दें कि अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 को निरस्त कर उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का ऐलान किया था.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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