'हरियाणा में हालात कश्मीर जैसे', किसान नेता बोले- दिल्ली की ओर मार्च करने दिया जाए हमें

farmers protest: सरकार किसानों से बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहती है तो दिल्ली की ओर मार्च करने की अनुमति देनी होगी. जानें क्या बोले किसान नेता

किसान आंदोलन पर पूरे देश की नजर बनी हुई है. नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदर्शन कर रहे किसानों के ग्रुप ने कहा है कि वे अब दिल्ली मार्च करेंगे. ‘दिल्ली चलो’ मार्च को लेकर किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने ताजा प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि सरकार की मंशा बिल्कुल साफ थी कि वे हमें किसी भी कीमत पर दिल्ली में इंट्री नहीं देना चाहते हैं. यदि सरकार किसानों से बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहती है तो हमें दिल्ली की ओर मार्च करने की अनुमति प्रदान करनी होगी.

हरियाणा में हालात कश्मीर जैसे

उन्होंने आगे कहा कि जब हम दिल्ली की ओर बढ़े तो गोलाबारी की गई. ट्रैक्टरों के टायरों पर गोलियां भी लगीं. डीजीपी हरियाणा ने कहा है कि वे किसानों पर आंसू गैस का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. हम इसका इस्तेमाल करने वालों के लिए सजा की मांग करते हैं. किसान नेता बने कहा कि गलत बयान देने का काम किया जा रहा है. हरियाणा में हालात कश्मीर जैसे हो चुके हैं. हम 21 फरवरी को दिल्ली की ओर मार्च करेंगे. सरकार ने हमें एक प्रस्ताव दिया है ताकि हम अपनी मूल मांगों से पीछे हट जाएं. अब जो भी होगा उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी.

पंजाब के 7 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पंजाब के 7 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. पंजाब सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उनकी अनुमति के साथ इस कदम को उठाया गया है…क्या वे भी चाहते हैं…. क्या आपका ऑपरेशन हरियाणा के साथ मिलकर चल रहा है? उन्होंने कहा कि पंजाब में इंटरनेट बंद नहीं किया जाना चाहिए…मुझे नहीं लगता कि केंद्र के पास इस तरह को अधिकार है कि वो प्रदेश की सरकार से पूछे बिना इंटरनेट बंद कर दे.

हाई लेवल मीटिंग के बाद किसान हुए थे शांत

आपको बता दें कि महिलाओं सहित हजारों ग्रामीणों ने आठ फरवरी को दिल्ली के साथ लगती नोएडा की सीमाओं पर कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली जाने का प्रयास किया था जो सफल नहीं हो पाया. इससे शहर में यातायात बाधित हो गया था. प्रदर्शनकारियों ने उस दिन मार्च वापस ले लिया था. पुलिस द्वारा स्थानीय अधिकारियों और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों के साथ एक हाई लेवल मीटिंग की बात कही गई थी जिसके बाद किसान शांत हो गये थे.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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