Farmers Protest: गाजीपुर बॉर्डर से हटाए जा रहे बैरिकेड और कंटीले तार, किसान संघ ने किया ये दावा

Kisan Andolan News Updates दिल्ली पुलिस द्वारा गाजीपुर बार्डर पर नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के धरना प्रदर्शन वाले स्थान पर लगे बैरिकेडिंग को हटा दिया है. उत्तर प्रदेश से दिल्ली वाले रास्ते से बैरिकेड हटाए जाने के दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर किसान संघ ने प्रतिक्रिया दी है.

Kisan Andolan News Updates दिल्ली पुलिस द्वारा गाजीपुर बार्डर पर नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के धरना प्रदर्शन वाले स्थान पर लगे बैरिकेडिंग को हटा दिया है. उत्तर प्रदेश से दिल्ली वाले रास्ते से बैरिकेड हटाए जाने के दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर किसान संघ ने प्रतिक्रिया दी है. किसान संघ ने दावा किया कि यह कदम उनके इस रुख को दर्शाता है कि उन्होंने शहर के सीमा बिंदुओं पर सड़कों को कभी भी अवरुद्ध नहीं किया.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली की सीमा के नजदीक गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के धरना स्थल पर लगे बैरिकेडिंग को पुलिस ने हटाया. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सरकार की तरफ़ से आदेश है इसलिए हम बैरिकेडिंग हटाकर रास्ता खोल रहे हैं. वहीं, पीटीआई भाषा के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि टिकरी बॉर्डर पर आठ में से चार स्तर के अवरोधक हटा लिए गए हैं. उन्होंने कहा कि सीमेंट के अवरोधक अब भी वहां हैं और यात्रियों की आवाजाही के लिए सड़क बंद है.

बता दें कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान बीते ग्यारह महीने से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में सड़क के एक रास्ते को खोल दिया जाएगा. वहीं, गुरुवार को खबर आई थी कि टिकरी बॉर्डर पर लगाए गए अवरोधक को हटाया जा रहा है, जबकि शुक्रवार को जानकारी मिली कि गाजीपुर बॉर्डर पर भी पुलिस बैरिकेड हटा रही है. दिल्ली गेट के नीचे के बैरियर भी हटाए जा रहे हैं. हालांकि, रास्ता अभी नहीं खुल रहा है.

इस बीच, किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि रास्‍ते खुलेंगे तो हम फसल बेचने के लिए संसद जाएंगे. बता दें कि राकेश टिकैत पहले ही कह चुके हैं कि एक तरफ का रास्ता खोलने से उनको कोई आपत्ति नहीं है. इधर, किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन स्थलों पर दोनों मार्गों को पूरी तरह से खाली करने का कोई भी निर्णय संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) द्वारा लिया जाएगा. हालांकि, उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यातायात के लिए रास्ता बनाया जाएगा.

दिल्ली पुलिस का फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें किसान संघों ने दावा किया था कि शहर की सीमाओं पर नाकेबंदी के लिए पुलिस जिम्मेदार थी. भारतीय किसान यूनियन (BKU) के पदाधिकारियों ने कहा था कि किसानों ने नहीं बल्कि पुलिस ने सड़कों को अवरुद्ध किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर फिर से खोला जा रहा है.

गाजीपुर सीमा विरोध स्थल पर बैरिकेड्स हटाने के मसले पर वरिष्ठ किसान नेता और एसकेएम सदस्य दर्शन पाल ने कहा कि किसानों के खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया है, जिसे हमने पहले दिन से खारिज किया है. दर्शन पाल ने कहा कि सिंघू बॉर्डर पर किसानों ने सड़क के उस हिस्से पर कब्जा कर लिया है, जो पहले से ही फ्लाईओवर के निर्माण के कारण यातायात के लिए बंद है.

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