नयी दिल्ली : नये कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में आयोजित ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा के बाद सरकार के सख्त रुख से भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत की आंखों में आंसू आ गये. उन्होंने किसान आंदोलन को खत्म करने की सरकार की साजिश करार दिया है. वहीं, राजनीतिक दलों का समर्थन भी किसान आंदोलन के नेताओं को लगातार मिल रहा है.
भारतीय किसान यूनियन को कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के बाद अब दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार का भी समर्थन मिल गया है. आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर किसानों की मांगों का समर्थन किया है. साथ ही गाजीपुर बॉर्डर पर पानी की व्यवस्था की जा रही है. इसकी जानकारी राकेश टिकैत ने ट्वीट कर दी है.
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि ”राकेश जी (भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत), हम पूरी तरह से किसानों के साथ हैं. आपकी मांगे वाजिब हैं. किसानों के आंदोलन को बदनाम करना, किसानों को देशद्रोही कहना और इतने दिनों से शांति से आंदोलन कर रहे किसान नेताओं पर झूठे केस करना सरासर गलत है.”
मालूम हो कि इससे पहले राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया अजीत सिंह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी नेता सह उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया था.
राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी शुक्रवार को गाजीपुर बॉर्डर पहुंच कर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत से मिले और समर्थन दिया. साथ ही रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने ढिकाना गांव में बड़ौत आंदोलन में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज में घायल हुए किसानों के स्वास्थ्य की जानकारी ली.
