मुंबई में फर्जी SSC, HSC प्रमाणपत्र और मार्कशीट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार फर्जी सर्टिफिकेट छापने के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए अभियान चलायी गयी थी. जिसके बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी सर्टिफिकेट के लिए लोगों से 50,000 रुपये तक चार्ज करते थे.

मुंबई पुलिस ने फर्जी SSC और HSC प्रमाणपत्र और मार्कशीट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया है. पकड़े गये ओरापी फर्जी रूप से एसएससी और एचएससी प्रमाणपत्र और मार्कशीट छापकर बेचते थे.

मुंबई पुलिस के गिरफ्तार में आये चार बड़े जालसाज

पुलिस ने जिन चार लोगों को गिरफ्तार किया है, उसमें दानिश सिराजुद्दीन खान, राजासाहब चौधरी, मोहम्मद फैज मुर्तुजा और सलमान खान शामिल हैं. आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, विश्वासघात और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया है.

एक सर्टिफिकेट के लिए चार्ज करते थे 50 हजार रुपये

पुलिस के अनुसार फर्जी सर्टिफिकेट छापने के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए अभियान चलायी गयी थी. जिसके बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी सर्टिफिकेट के लिए लोगों से 50,000 रुपये तक चार्ज करते थे.

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सिडको भर्ती में अनियमितता का मामला, जांच के आदेश

महाराष्ट्र के शहर और औद्योगिक विकास निगम (सिडको) में भर्ती में कथित अनियमितता का मामला सामने आने के बाद पिछले 10 सालों में हुई भर्तियों का अंकेक्षण (ऑडिट) करने का आदेश दिया गया है. जांच में खुलासा हुआ कि घोटाला 2017 से हो रहा था. सिडको में नामांकित 28 फर्जी लोगों की पहचान की गई है. मानव संसाधन (एचआर) विभाग का एक अधिकारी भी इस रैकेट का हिस्सा था क्योंकि भर्तियां उसके हस्ताक्षर से की गई थीं. बताया जा रहा है कि इस मामले में कुल 2.80 करोड़ रुपये की जालसाजी हुई है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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