'हैलो लोन चाहिए', नोएडा में बैठकर रांची के लोगों को लगाया चूना, पुलिस ने नौ महिलाओं को पकड़ा

फर्जी बैंक लोन और बीमा पॉलिसी बेचने वाले एक गिरोह में नौ महिलाएं काम करतीं थीं. ये गिरोह नोएडा से चलता था जिसने झारखंड की राजधानी रांची के लोगों को भी निशाना बनाया.

फर्जी बैंक लोन और बीमा पॉलिसी बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है. नोएडा पुलिस ने बताया कि सेक्टर 51 में एक कमरे से गिरोह काम को अंजाम देता था. फर्जी कॉल सेंटर से दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉमर्स के छात्र और 10 अन्य लोगों (जिनमें नौ महिलाएं हैं) को गिरफ्तार किया गया है. रैकेट के पीछे का मास्टर माइंड आशीष कुमार उर्फ ​​अमित है. उसने पुलिस को बताया कि वह बीकॉम है और 2019 से कुछ वर्षों तक सह-आरोपी जितेंद्र कुमार वर्मा उर्फ ​​अभिषेक के साथ पब्लिक सेक्टर के बैंक के लिए जीवन बीमा पॉलिसी बेच रहा था.

नौ महिलाओं को लगाया गया कॉल करने के लिए

डीसीपी (क्राइम) शक्ति अवस्थी ने मामले को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि दोनों आरोपी ने मिलकर फर्जी कॉल सेंटर का जाल तैयार किया था. वे एनसीआर से बाहर रहने वाले लोगों को फर्जी बीमा और लोन का लालच देते थे. इन्होंने पिछले साल एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस से केवल 2,500 रुपये में करीब 10,000 लोगों की निजी जानकारी हासिल की. आरोपियो ने नौ महिलाओं की भर्ती की. उन्हें फर्जी पॉलिसी बेचने या लोन देने के लिए कॉल करने की ट्रेनिंग दी गई. ये महिलाएं कमीशन पर काम करती थीं.

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पैसा कर्नाटक के पंजाब नेशनल बैंक के खाते में जाता था

डीसीपी (क्राइम) ने बताया कि जब कोई व्यक्ति पॉलिसी खरीदने या लोन लेने के लिए सहमत हो जाता था, तो इसके बाद वह भुगतान कर देता था. पैसा कर्नाटक के पंजाब नेशनल बैंक के खाते में ट्रांसफर हो जाता था. यह खाता आशीष के नाम पर था. पुलिस ने पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया है. एक ‘ब्लैक डायरी’ बरामद की गई है. फर्जी कॉल सेंटर से अन्य चीजों के अलावा 25 मोबाइल फोन, 81 डेटा शीट, एक रजिस्टर और दो फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किए गए.

गिरोह के खिलाफ झारखंड के रांची में भी एक मामला

अवस्थी ने कहा कि पुलिस को गिरोह के खिलाफ झारखंड के रांची में भी एक मामला मिला है. एक खुफिया सूचना के बाद सीआरटी और सेक्टर 49 पुलिस स्टेशन के अधिकारियों द्वारा एक संयुक्त अभियान चलाया गया और ये गिरफ्तारियां की गईं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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