Fact Check: क्या वास्तव में अमित शाह ने आंबेडकर का किया अपमान? यहां देखें पूरा VIDEO

Fact Check: बाबा साहब भीमराव आंबेडकर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर हंगामा जारी है. इस खबर में आपको शाह के बयान की पूरी सच्चाई बताने वाले हैं. जिससे साफ हो जाएगा कि आखिर गृह मंत्री ने आंबेडकर पर क्या कहा था.

Fact Check: आंबेडकर पर बयान देकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुरी तरह से विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं. विपक्ष ने उनपर आंबेडकर के अपमान का आरोप लगाया है और इस्तीफे की मांग की है. शाह ने संविधान पर चर्चा का जवाब देते हुए राज्यसभा में बाबा साहब पर जो बयान दिया था आपने भी उस वीडियो को देखा होगा. 11 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और शाह पर हमला किया जा रहा है.

अमित शाह के वायरल वीडियो में क्या है खास?

सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें अमित शाह बोलते दिख रहे हैं, “अभी एक फैशन हो गया है, आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर…इतना नाम अगर भगवान का लेते, तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिलता.” शाह के इस 11 सेकंड के वीडियो को तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है और उनपर आंबेडकर के अपमान का आरोप लगाया जा रहा है.

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पीआईबी ने वायरल वीडियो को बताया भ्रामक

अमित शाह के वायरल वीडियो को पीआईबी ने भ्रामक और क्लिप्ड वीडियो बताया है. पीआईबी ने पूरे वीडियो को शेयर करते हुए एक्स पर पोस्ट किया, “सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर पर आपत्तिजनक बयान दिया गया है. यह दावा भ्रामक है.” पीआईबी ने बताया, “क्लिप्ड वीडियो में केन्द्रीय मंत्री के भाषण के चुनिंदा हिस्से को गलत तरीके से पेश किया गया है.” पीआईबी ने शाह के पूरे वीडियो को शेयर किया.

कांग्रेस ने अमित शाह का मांगा इस्तीफा, देखें वीडियो

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आंबेडकर पर शाह ने क्या दिया था पूरा बयान

संविधान पर चर्चा का जवाब देते हुए अमित शाह ने राज्यसभा में जो बयान दिया था, उसके पहले 11 सेकंड के पार्ट का आपने सुन लिया. अब यहां आपको आगे के हिस्से के बयान को हम बताते हैं. शाह ने 11 सेकंड के बयान के बाद कांग्रेस पर आंबेडकर के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा, “हमे तो आनंद है कि आंबेडकर का नाम लेते हैं. आंबेडकर का नाम आप 100 बार ज्यादा लो, लेकिन साथ-साथ आंबेडकर जी के प्रति आपका भाव क्या है, ये भी बताता हूं. आंबेडकर को देश की पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों देना पड़ा. आंबेडकर जी ने कई बार कहा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के प्रति हो रहे व्यवहार से मैं असंतुष्ट हूं. सरकार की विदेश नीति से मैं असहमत हूं और अनुच्छेद 370 से मैं असहमत हूं”. शाह ने आगे कहा, “आंबेडकर जी को आश्वासन दिया गया, लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया, बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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