नयी दिल्ली : मोदी कैबिनेट में आज शाम फेरबदल होनेवाली है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने कहा है कि करीब 43 मंत्रियों को शपथ दिलायी जायेगी. इनमें कई मंत्रियों का प्रमोशन होना तय माना जा रहा है. जबकि, कई नये चेहरों को मौका मिलेगा. मालूम हो कि अब तक करीब 11 केंद्रीय मंत्रियों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है.
मोदी सरकार की नयी कैबिनेट पहले के मुकाबले ज्यादा युवा होगी. इस्तीफा देनेवाले मंत्रियों में देबाश्री चौधरी और बाबुल सुप्रियो को छोड़ कर सभी मंत्रियों की उम्र 60 से अधिक है. इनमें रमेश पोखरियाल निशंक (61), संतोष गंगवार (72), संजय धोत्रे (62), राव साहेब दानवे पाटिल (66), सदानंद गौड़ा (68), प्रताप सारंग (66), डॉ हर्षवर्धन (66), थावरचंद गहलोत (73), रतन लाल कटारिया (69) शामिल हैं. वहीं, देबोश्री चौधरी (50) और बाबुल सुप्रियो (50) की उम्र 60 से कम है.
वहीं, मोदी कैबिनेट में शामिल किये जानेवाले नामों पर मुहर लगी है, उनमें अधिकतर नेताओं की उम्र 60 या इससे कम है. प्रीतम मुंडे (38), अनुप्रिया पटेल (40), ज्योतिरादित्य सिंधिया (50), भूपेंद्र यादव (52), सुनीता दुग्गल (53), मीनाक्षी लेखी (54), सर्वानंद सोनोवाल (59), बीएल वर्मा (60), अजय भट्ट (60), अजय मिश्र टेनी (60) है. हालांकि, कुछ नाम ऐसे हैं, जिनकी उम्र 60 से अधिक है. इनमें पुरुषोत्तम रुपाला (66) और आरसीपी सिंह (63) शामिल हैं.
इनके अलावा कुछ मंत्रियों को मोदी कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. इनमें अनुराग ठाकुर, जी किशन रेड्डी, पुरुषोत्तम रुपाला, हरदीप सिंह पुरी, आरके सिंह और मनसुख मांडविया के नाम की चर्चा हो रही है. इन मंत्रियों में भी तीन ऐसे मंत्री हैं, जिनकी उम्र 60 से कम है. इनमें अनुराग ठाकुर (46), जी किशन रेड्डी (57) और मनसुख मांडविया (49) शामिल हैं. हालांकि, पुरुषोत्तम रुपाला (66), हरदीप सिंह पुरी (69) और आरके सिंह (68) की उम्र 60 से अधिक है.
इन मंत्रियों के प्रमोशन का मुख्य कारण अगले साल होनेवाले विधानसभा चुनाव से जोड़ा जा रहा है. मालूम हो कि अगले साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, गोवा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं. पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हरदीप सिंह पुरी को प्रमोशन दिया जा सकता है. उन पर अभी नागरिक उड्डयन मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय और कॉमर्स मिनिस्ट्री का प्रभार था.
वहीं, वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर का प्रमोशन हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए किया जा सकता है. वे हिमाचल के तीन बार मुख्यमंत्री रहे प्रेम कुमार धूमल के पुत्र हैं. इसके अलावा पटेल समुदाय से आनेवाले मनसुख मांडविया और पुरुषोत्तम रुपाला के प्रमोशन की चर्चा है. जातीय समीकरण को देखते हुए इन मंत्रियों को भी स्वतंत्र प्रभार या कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिल सकता है. इसके अलावा स्वतंत्र प्रभार के मंत्री आरके सिंह को कैबिनेट का दर्जा मिलने की संभावना जतायी जा रही है.
