VVPAT: सुप्रीम कोर्ट ने वीवीपैट पर्चियों के मिलान की मांग वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

EVM-VVPAT Case: पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम की आलोचना और मतपत्रों को वापस लाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की थी. इस दौरान कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम वोटों की वीवीपैट पर्चियों से 100 फीसदी सत्यापन की मांग वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. वर्तमान में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच रैंडमली चयनित ईवीएम की वीवीपैट पर्चियों का सत्यापन किया जाता है. इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम (EVM) के वोटों और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) पर्चियों के मामले को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से वकील प्रशांत भूषण के इस आरोप पर गौर करने को कहा कि केरल के कासरगोड में एक मॉक पोल के दौरान चार ईवीएम में बीजेपी के लिए एक अतिरिक्त वोट रिकॉर्ड हो रहा था. सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि यह चुनावी प्रक्रिया है और इसमें सब कुछ स्पष्ट होना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि किसी को भी यह आशंका नहीं होनी चाहिए कि जो कुछ अपेक्षित है वह नहीं किया जा रहा है.

आपको बता दें कि इससे पहले मामले पर 16 अप्रैल को सुनवाई हुई थी. पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि ईवीएम और VVPAT में लगने वाली चिप को प्रोग्राम किया जा सकता है. मशीनों में छेड़छाड़ की जा सकती है जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

ईवीएम की आलोचना से सुप्रीम कोर्ट नाराज

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम की आलोचना और मतपत्रों को वापस लाने की मांग पर नाराजगी जाहिर की थी. कोर्ट की ओर से कहा गया था कि भारत में चुनावी प्रक्रिया एक बहुत बड़ा काम है. तंत्र को कमजोर करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात का भी जिक्र किया कि कैसे चुनाव परिणामों में हेरफेर करने के लिए मतपत्र के दौर में मतदान केंद्रों को कब्जा लिया जाता था.

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केस से जुड़ी खास बातें

  • जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ADR सहित अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रही है.
  • याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट प्रशांत भूषण, गोपाल शंकरनारायण और संजय हेगड़े ने पैरवी करते नजर आ रहे हैं.
  • वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ओर से पेश हुए.
  • वीवीपैट पर्चियों की 100% वेरिफिकेशन को लेकर एक्टिविस्ट अरुण कुमार अग्रवाल ने याचिका दाखिल की है. यह याचिका अगस्त 2023 में लगाई गई थी.

वीवीपैट होता क्या है जानें

‘वीवीपैट’ की बात करें तो यह स्वतंत्र रूप से वोट का सत्यापन करने की एक प्रणाली है. इसके माध्यम से वोटर यह देखने में सक्षम हो पाता है कि उसने जो वाट दिया वो उसी उम्मीदवार को गया या नहीं…प्रणाली में एक मशीन लगी रहती है जिससे कागज की पर्ची निकलती है.

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By Amitabh kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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