Rajasthan Election results : वसुंधरा राजे झालरापाटन से 5वीं बार चुनाव जीतीं,कांग्रेस नेता रामलाल को दी शिकस्त

वसुंधरा राजे बीजेपी की दिग्गज नेता हैं और राजस्थान की मुख्यमंत्री भी रही हैं, बावजूद इसके पार्टी ने उन्हें इस चुनाव में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. इस मुद्दे को लेकर वसुंधरा राजे नाराज भी चल रही थीं. काफी मान-मनौव्वल के बाद वह चुनाव लड़ने के लिए राजी हुईं.

राजस्थान विधानसभा चुनाव : राजस्थान विधानसभा चुनाव में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे ने झालरापाटन सीट से जीत दर्ज की है, उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार रामलाल को हराया है. वसुंधरा राजे को 138831 वोट मिले हैं जबकि रामलाल को 85638 वोट मिले. वसुंधरा राजे इस सीट से पांचवीं बार चुनाव जीतीं है, झालरापाटन उनका गढ़ रहा है. झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र झालावाड़ जिले में है.

वसुंधरा को पार्टी ने सीएम फेस नहीं बनाया

वसुंधरा राजे बीजेपी की दिग्गज नेता हैं और राजस्थान की मुख्यमंत्री भी रही हैं, बावजूद इसके पार्टी ने उन्हें इस चुनाव में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. इस मुद्दे को लेकर वसुंधरा राजे नाराज भी चल रही थीं. काफी मान-मनौव्वल के बाद वह चुनाव लड़ने के लिए राजी हुईं और पार्टी ने उनका नाम उम्मीदवारों की दूसरी सूची में जारी किया. वसुंधरा राजे अगर चुनाव जीत जाती हैं, तो सीएम पद के लिए उनकी दावेदारी मजबूत हो सकती है, हालांकि पार्टी इस बार सीएम फेस को लेकर अपने पत्ते नहीं खोल रही हैं और एग्जिट पोल में महंत बालकनाथ मुख्यमंत्री के रूप में आम लोगों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं और उन्होंने मतगणना से पहले पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात भी की थी.

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दावों का दौर जारी

राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि थोड़ी देर बाद मत की पेटी से नई सरकार पैदा होना प्रारंभ हो जाएगी. साथ ही उन्होंने अपना दावा बरकरार रखते हुए कहा है कि प्रचंड बहुमत से कुछ ही घंटों के बाद भाजपा की सरकार बनेगी. वहीं कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि राजस्थान के मतदाताओं ने पार्टी के सुशासन के कारण कांग्रेस उम्मीदवारों पर अपना पूरा विश्वास और समर्थन दिखाया है.

झालरापाटन सीट से पांचवीं बार चुनावी मैदान में हैं वसुंधरा राजे

वसुंधरा राजे झालरापाटन सीट से पांचवीं बार चुनावी मैदान में हैं. यह सीट वसुंधरा राजे का गढ़ माना जाता है. वे लगातार चार बार यहां से चुनाव जीत चुकी हैं. इस बार के चुनाव में वे नाराज चल रही थीं, यही वजह है कि बीजेपी ने जब उम्मीदवारों की सूची जारी की तो पहली सूची में उनका नाम सामने नहीं आया, हालांकि दूसरी सूची में वसुंधरा राजे का नाम था और वे अपनी परंपरागत सीट से ही पांचवीं बार चुनावी मैदान में हैं. झालरापाटन सीट से इस बार वसुंधरा राजे के सामने कांग्रेस ने फिर नया उम्मीदवार दिया है. कांग्रेस ने रामलाल चौहान को यहां से वसुंधरा राजे के खिलाफ मैदान में उतारा है. झालरापाटन सीट राजस्थान के झालावाड़ जिले के अंतर्गत आता है. इस सीट पर 2003 से ही वसुंधरा राजे का दबदबा रहा है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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