Earthquake: दिल्ली-NCR और उत्तराखंड में भूकंप के झटके, एक हफ्ते में दूसरी बार हिली धरती, केंद्र नेपाल

दिल्ली-एनसीआर सहित कई जगहों पर भूकंप के झटके महसूस किये गये. बताया जा रहा है दिल्ली सहित उत्तराखंड और नेपाल में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये. इन जगहों पर एक हफ्ते में दूसरी बार धरती डोली है.

दिल्ली-एनसीआर सहित कई जगहों पर भूकंप के झटके महसूस किये गये. दिल्ली सहित उत्तरी भारत के कुछ राज्यों में शनिवार रात भूकंप के झटके महसूस किये गये. भूकंप का झटका 5.4 तीव्रता का था और इसका केंद्र नेपाल में था जो उत्तराखंड में जोशमठ से 212 किलोमीटर दूर है. भूकंप का झटका शाम 7 बजकर 57 मिनट पर महसूस किया गया. दिल्ली सहित उत्तराखंड, यूपी में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये. तीन दिन पहले भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे जिसका केंद्र नेपाल में था. पड़ोसी देश में इस भूकंप की वजह से छह लोगों की मौत हो गई थी. नेपाल में एक सप्ताह में तीसरी बार भूकंप आया है. फिलहाल जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. दिल्ली-एनसीआर में रात करीब आठ बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए.

नेपाल में भूकंप का केंद्र

राष्ट्रीय भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के अनुसार नेपाल में जमीन के अंदर 10 किलोमीटर में भूकंप का केंद्र था. भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आये. लोगों में दहशत का माहौल है.

एक हफ्ते में दूसरी बार भूकंप के झटके

मालूम हो दिल्ली-एनसीआर में दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किये गये हैं. इससे पहले 10 अक्टूबर को 6.6 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किये गये थे. जिसमें नेपाल में भारी तबाही मची थी.

नेपाल के 5 जिलों में महसूस किये गये भूकंप के झटके

नेपाल के पांच जिलों में भूकंप के झटके महसूस किये गये. नेपाल के डोटी, बाजूरा, कैलाली, डडेलपुरा और अछाम में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किये.

यूपी में महसूस किये गये भूकंप के झटके

दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, नेपाल और यूपी में भूकंप के झटके महसूस किये गये हैं. यूपी के मुरादाबाद और गाजियाबाद में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किये. जबकि उत्तराखंड के पौड़ी ,टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भूकंप के झटके महसूस किये गये.

भूकंप का कहां कितना खतरा

दिल्ली में कुछ इलाकों को भूकंप के लिए खतरनाक बताया जाता है. जिसमें उत्तरी दिल्ली के कुछ इलाकों को चिन्हित किया गया है. इसके अलावा यमुना नदी के किनारे के ज्यादातर इलाके. बजीराबाद, रिठाला और रोहिणी इलाकों को भूकंप के लिए अधिक खतरनाक बताया जाता है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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