Durgapur MBBS Student Molestation: दुर्गापुर में MBBS स्टूडेंट के साथ सामूहिक दुष्कर्म, तीनों दरिंदों को 10 दिन की पुलिस हिरासत

Durgapur MBBS Student Molestation: पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में एक निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट ने 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया.

Durgapur MBBS Student Molestation: मेडिकल की छात्रा को हवस का शिकार बनाने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार करने के बाद रविवार को दुर्गापुर के कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने तीनों दरिंदों को 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. तीनों आरोपियों को रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है पुलिस, घटनास्थल को किया सील

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान अभी उजागर नहीं की है. पुलिस अधिकारी ने बताया- ‘‘तीन आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. यह बेहद संवेदनशील मामला है.’’ पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है. साथ ही पुलिस ने परानागंज काली बाड़ी श्मशान घाट से सटे जंगल में अपराध स्थल की घेराबंदी कर दी. दुर्गापुर स्थित निजी मेडिकल कॉलेज के आसपास के गांवों में व्यापक तलाश अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इलाके के जंगलों में तलाशी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

छात्रा अपने दोस्त के साथ डिनर के लिए गई थी, उसी समय दरिंदों ने बनाया हवस का शिकार

पुलिस ने बताया, घटना शुक्रवार रात दुर्गापुर स्थित निजी मेडिकल कॉलेज परिसर के बाहर उस समय हुई जब सेकंड इयर की छात्रा अपने एक दोस्त के साथ डिनर करने के लिए बाहर गई थी. अधिकारी ने बताया कि पीड़िता जिस निजी कॉलेज एवं अस्पताल में पढ़ती थी वहीं उसका इलाज किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पीड़िता की हालत में सुधार बताया जा रहा है और उसने पुलिस अधिकारियों को अपना बयान दे दिया है. ओडिशा से दुर्गापुर पहुंचे लड़की के माता-पिता ने ‘न्यू टाउनशिप’ पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई.

बीजेपी नेताओं को पीड़िता से मिलने से रोका गया

दुर्गापुर में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार एमबीबीएस की छात्रा से मिलने पहुंचे बीजेपी के नेताओं को रोक दिया गया. लॉकेट चटर्जी और अन्य भाजपा नेता दुर्गापुर अस्पताल पहुंचे थे. रोके जाने पर लॉकेट चटर्जी ने कहा, ” अस्पताल में आपातकालीन का लेबल लगा है, लेकिन यह बंद है… इसे 24 घंटे खुला रहना चाहिए… मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस अंदर है… पुलिस अंदर क्यों हो?… डॉक्टर बाहर हैं, पुलिस अंदर है। यहां ममता बनर्जी का राज चल रहा है. यहां तालिबान या पाकिस्तान जैसा राज चल रहा है. ममता बनर्जी कहती हैं कि किसी भी महिला को रात में जंगल में नहीं जाना चाहिए क्योंकि जानवर आकर उसे खा सकते हैं… ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह रात में वहां गईं और हमला किया. आज पश्चिम बंगाल में एक महिला मुख्यमंत्री लोगों से बाहर न जाने की अपील कर रही हैं… पश्चिम बंगाल की जनता की यही हालत है. पश्चिम बंगाल की महिलाएं इसका जवाब देंगी.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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