DU: दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों के कौशल विकास के लिए लांच हुआ लर्निंग पोर्टल

दिल्ली विश्वविद्यालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईसीटी एकेडमी (ईआईसीटीए) के सहयोग से एक खास डीयू-ईआईसीटीए लर्निंग पोर्टल लांच किया गया. बुधवार को इस बाबत डीयू और ईआईसीटीए के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया. नया पोर्टल छात्रों को इसके लिए तैयार करने में मदद करेगा.

By Vinay Tiwari | January 7, 2026 6:59 PM

DU: दिल्ली विश्वविद्यालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईसीटी एकेडमी (ईआईसीटीए) के सहयोग से एक खास डीयू-ईआईसीटीए लर्निंग पोर्टल लांच किया गया. बुधवार को इस बाबत डीयू और ईआईसीटीए के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया. डीयू के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईसीटी एकेडमी, आईआईटी कानपुर के गेस्ट ऑफ ऑनर और चीफ इन्वेस्टिगेटर प्रोफेसर बीवी फानी, कंप्यूटर साइंस विभाग की प्रमुख प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अतिरिक्त निदेशक सुरेंद्र सिंह,  प्रोजेक्ट एग्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉक्टर श्रीनिवास, दिल्ली विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर ओम पाल, अन्य सहयोगियों और छात्रों की मौजूदगी में इस लर्निंग पोर्टल को शुरू किया. 


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि तेजी से बदलते 21वीं सदी के एकेडमिक इकोसिस्टम खासकर कंप्यूटर साइंस में टेक्नोलॉजी-आधारित लर्निंग बहुत जरूरी है. तेजी से बदलती तकनीक के इस दौर में सिर्फ काबिलियत के साथ खुद को तकनीक के साथ सामंजस्य बनाने के लिए तैयार करना महत्वपूर्ण हो गया है. नया पोर्टल छात्रों को इसके लिए तैयार करने में मदद करेगा. योगेश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय को टेक्नोलॉजी के सिर्फ पैसिव कंज्यूमर बनने से आगे बढ़कर इनोवेशन, रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप के हब बनाना चाहिए.

फैकल्टी और छात्रों दोनों के बीच एक मजबूत स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय के अंदर इनोवेशन, इंटरडिसिप्लिनरी सहयोग और टेक्नोलॉजी-आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा देना राष्ट्रीय विकास और भारत के एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने के विजन को साकार करने के लिए जरूरी है. टेक्नोलॉजी-आधारित शिक्षा और इनोवेशन-आधारित विकास अब वैकल्पिक नहीं हैं, बल्कि उच्च शिक्षा के भविष्य और देश की आर्थिक प्रगति के लिए जरूरी हो गए हैं.

शिक्षकों और छात्रों के कौशल विकास में होगा मददगार

आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर बीवी फानी ने एमओयू के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ईआईसीटीए कंसोर्टियम दिल्ली विश्वविद्यालय को सब्सिडाइज्ड फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी), फैकल्टी मेंबर और छात्रों के लिए क्रेडिट और नॉन-क्रेडिट दोनों कैटेगरी में उच्च-गुणवत्ता वाले ऑनलाइन कोर्स, वंचित छात्रों के लिए स्कॉलरशिप और डिस्काउंट-आधारित सहायता और विश्वविद्यालय में टेक्नोलॉजी-आधारित कौशल विकास को मजबूत करने के उद्देश्य से कस्टमाइज्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम प्रदान करने में सहायता करेगा. डेडिकेटेड पोर्टल से डीयू के शिक्षकों और छात्रों के लिए ईआईसीटीए कंसोर्टियम द्वारा पेश किए जाने वाले सभी प्रोग्राम तक आसान पहुंच होगी. 

इस दौरान डॉक्टर गीतिका वशिष्ठ और डॉक्टर ओम पाल द्वारा लिखी गयी किताब ‘रिसर्च मेथोडोलॉजी’ भी लांच की गयी. यह किताब फील फर्स्ट पब्लिशिंग एलएलपी द्वारा प्रकाशित की गयी है. कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने एक स्टार्टअप कंपनी सेफ व्यूविट भी लांच किया. यह कंपनी क्वांटम-सेफ क्रिप्टोग्राफी, सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम और अगली पीढ़ी की एन्क्रिप्शन टेक्नोलॉजी पर फोकस करती है.