तमिलनाडु: मौसी शशिकला ने बनाई नई पार्टी, तो भांजे ने कसा तंज; ‘इंस्टेंट सांभर-इडली’ जैसी पार्टी

तमिलनाडु: राजनीति में कभी-कभी रिश्ते नाते भी बेगाने हो जाते हैं. तमिलनाडु की राजनीति में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है, जहां मौसी शशिकला ने एक नई पार्टी बनाई तो भांजे दिनाकरन ने तंज कसते हुए इसकी तुलना इंस्टेंट सांभर-इडली से कर दी. उन्होंने कहा कि अब उनके असली रंग सामने आ चुके हैं.

तमिलनाडु: अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) के महासचिव टी टी वी दिनाकरन ने वी के शशिकला द्वारा नई राजनीतिक पार्टी शुरू किए जाने पर तीखा कटाक्ष किया है. दिनाकरन ने इसे ‘इंस्टेंट सांभर’ और ‘इंस्टेंट इडली’ जैसा करार देते हुए कहा कि ऐसी पार्टियों से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा. वी के शशिकला, दिनाकरन की मौसी हैं. 

24 फरवरी को तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की 78वीं जयंती के अवसर पर शशिकला ने अपनी नई पार्टी की घोषणा की. उन्होंने रामनाथपुरम जिले के कमुथी में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी निर्माण के साथ राजनीति में वापसी की. इस मौके पर उन्होंने पार्टी का झंडा भी जारी किया, जिस पर सी एन अन्नादुरै, एम जी रामचंद्रन और जयललिता की तस्वीरें अंकित हैं. इस दौरान शशिकला ने अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी पर भी निशाना साधा, जिन्होंने उन्हें पार्टी से बाहर किया था.

क्या-क्या बोले दिनाकरन?

शशिकला के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए दिनाकरन ने कहा, ‘लोकतंत्र में कोई भी पार्टी बना सकता है. आजकल कई नई पार्टियां इंस्टेंट सांभर और इंस्टेंट इडली की तरह अचानक सामने आ जाती हैं.’ उन्होंने दावा किया कि ‘अम्मा’ के सच्चे अनुयायियों को एकजुट होकर अम्मा का शासन स्थापित करने से कोई नहीं रोक सकता.

तिरुनेलवेली में पत्रकारों से बातचीत में दिनाकरन ने कहा कि एएमएमके और अन्नाद्रमुक के सभी सच्चे समर्थक आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मजबूती से एकजुट हैं. हम राज्य में अम्मा का शासन स्थापित करेंगे. बिना नाम लिए उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग अब तक अम्मा का शासन स्थापित करने का दावा करते रहे, उनके ‘असली रंग’ अब सामने आ चुके हैं.

हालांकि, 2017 में अन्नाद्रमुक में हुए संकट का जिक्र करते हुए दिनाकरन ने शशिकला का बचाव किया और कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के दबाव में इस्तीफा दिया था, न कि शशिकला के कारण. अगस्त 2017 में पन्नीरसेल्वम और पलानीस्वामी ने शशिकला और दिनाकरन दोनों को अन्नाद्रमुक से निष्कासित कर दिया था. बाद में जुलाई 2022 में पलानीस्वामी ने पन्नीरसेल्वम को भी पार्टी से हटा दिया.

जयललिता की मौत के बाद राजनीति से आउट हो गईं शशिकला

जयललिता की 2016 में दिल का दौरा पड़ने की वजह से अस्पताल में 72 दिन भर्ती रहने के बाद मौत हो गई थी. उनकी मौत के बाद शशिकला एआईडीएमके की महासचिव बनाया गया और उन्होंने मुख्यमंत्री बनने का भी प्रयास किया. हालांकि, बाद में उनके ऊपर जयललिता की हत्या करने का भी आरोप लगने लगा. कुछ दिनों बाद उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी करार दिया और चार साल की जेल हुई. इसकी वजह से उनके 10 साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लग गया, जो 2027 तक है. 

पार्टी गठन के बाद क्या बोलीं शशिकला?

अपनी पार्टी के गठन के मौके पर शशिकला ने सभी बातों का जवाब दिया. जयललिता की पूर्व विश्वासपात्र शशिकला ने तमिलनाडु चुनाव से कुछ महीने पहले नई पार्टी की घोषणा करते हुए कहा, ‘हम एक नए राजनीतिक अध्याय के साक्षी बनने जा रहे हैं. मैंने स्पष्ट निर्णय लिया है. यह तमिलनाडु, उसके लोगों और हमारे कार्यकर्ताओं के हित में है. हम एक नई द्रविड़ पार्टी शुरू करने जा रहे हैं.’

दिसंबर 2016 में जयललिता के निधन के बाद की घटनाओं का जिक्र करते हुए शशिकला ने कहा कि उन्होंने ही पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री बनाया था और 2016-21 की पार्टी सरकार को अस्थिरता से बचाने के लिए सावधानी बरती थी. उन्होंने आरोप लगाया, ‘जिन्हें मैंने मुख्यमंत्री बनाया, उसी व्यक्ति ने मुझे कागज के टुकड़े की तरह पार्टी से बाहर कर दिया. मैं अपना गुस्सा जाहिर नहीं करती, यह मैंने थलैवर (एमजीआर) से सीखा है.’

जयललिता की मौत के बाद के घटनाक्रम को किया बयां

पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम के बारे में उन्होंने कहा कि पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद ‘धर्म युद्ध’ छेड़ने का उनका फैसला ही उनके लिए समस्याओं का कारण बना, जिसका असर आज तक जारी है. उन्होंने कहा कि 2016 में उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने का फैसला उसी अस्पताल में लिया गया था, जहां जयललिता भर्ती थीं.

उन्होंने एआईएडीएमके के संस्थापक एमजी रामचंद्रन की मृत्यु के बाद की परिस्थिति से तुलना की. उन्होंने कहा कि तब जयललिता को अपमान झेलना पड़ा था और जयललिता की मौत के बाद उन्हें. शशिकला ने कहा कि उनकी यह नई पार्टी अन्ना, एमजीआर और जयललिता के पदचिन्हों पर चलने वाली एक द्रविड़ पार्टी होगी. आम आदमी की पार्टी, जो दुश्मनों को जड़ से उखाड़ फेंकेगी.

ये भी पढ़ें:- ‘यादव जी की लव स्टोरी’ के खिलाफ याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट बोला- मोटी चमड़ी रखिए…

ये भी पढ़ें:- डिप्टी सीएम के भाई के घर एसीबी की छापेमारी, भ्रष्टाचार के मामले में हुई कार्रवाई

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >