DU: दिल्ली विश्वविद्यालय(डीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कॉम्पिटेंट एन्हांसमेंट स्कीम (सीईएस) 2025-26 में विश्वविद्यालय के विभागों के लिए (दूसरे और चौथे सेमेस्टर) और कॉलेजों के लिए (दूसरे, चौथे और छठे सेमेस्टर) की परीक्षा के लिए आयोजित होने वाले पेपर्स के लिए इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के अनुसार दिल्ली विश्वविद्यालय सीईएस के तहत किसी भी उम्र के छात्रों को अपने विभागों और कॉलेजों द्वारा पेश किए जाने वाले मौजूदा कोर्स के नियमित छात्रों के साथ दाखिला लेने और अध्ययन करने के लिए ज्ञान बढ़ाने का मौका मुहैया करा रहा है.
इस योजना का मकसद उन लोगों के शैक्षिक सपनों को पूरा करना है जिन्हें पहले अवसर नहीं मिल पाया है. आधुनिक तकनीक तकनीक, ज्ञान और इनोवेशन का उपयोग करके शैक्षणिक और व्यावसायिक कौशल को अपग्रेड कर वरिष्ठ और गैर-वरिष्ठ नागरिकों को आजीवन शिक्षार्थी के रूप में जारी रखने में सक्षम बनाना है. कोई भी व्यक्ति जो न्यूनतम पात्रता मानदंड और किसी मौजूदा पेपर के लिए तय मानदंड को पूरा करता है, वह इसके लिए पंजीकरण करा सकता है. किसी भी पेपर के लिए एडमिशन का चयन संबंधित विभागों और कॉलेजों में सीटों की उपलब्धता के आधार पर होगा.
क्या है सीईएस योजना
डीयू के छात्रों के साथ अगर कोई व्यक्ति क्लासरूम में बैठकर पढ़ना चाहता है तो किसी भी उम्र का व्यक्ति किसी भी कोर्स के एक से दो पेपर पढ़ सकता है और इसके लिए डीयू सर्टिफिकेट भी देगा. डीयू के 100 साल के मौके पर शुरू हुए हुई इस स्कीम के तहत बाहर के संस्थान के छात्र ही नहीं बल्कि वरिष्ठ नागरिक, घरेलू कामकाज करने वाले किसी भी कोर्स में पंजीकरण कराकर अपनी स्किल बढ़ा सकते हैं या नयी स्किल सीख सकते हैं. एक कोर्स में सीईएस के तहत सीटों को सुपरन्यूमरेरी माना जाएगा.
इच्छुक व्यक्ति विभागों और कॉलेजों द्वारा पेश किए जाने वाले उपलब्ध पेपर्स की सूची, पात्रता मानदंड, पंजीकरण और शुल्क संरचना संबंधी जानकारी विश्वविद्यालय के पोर्टल के साथ-साथ विश्वविद्यालय के नोडल समन्वय संस्थान यानी इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ लॉन्ग लर्निंग की वेबसाइट पर सीईएस ई-ब्रोशर पर देख सकते हैं. सीईएस (2025-26) के तहत यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट और कॉलेजों द्वारा दिए जाने वाले पेपर की पढ़ाई के लिए आवेदन करने के लिए इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं. सीईएस के लिए रजिस्ट्रेशन 19 जनवरी, 2026 और एडमिशन 31 जनवरी, 2026 से शुरू होगा. इस योजना का मकसद देश में कौशल विकास को बढ़ावा देना है.
