औषधि महानियंत्रक ने ‘कोवोवैक्स’ टीके के तीसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण को दी मंजूरी

पांच मार्च को उन लोगों को बूस्टर खुराक के तौर पर ‘कोवोवैक्स’ लगाने के लिए क्लिनिकल परीक्षण की सिफारिश की थी, जिन्होंने कम से कम तीन महीने पहले ‘कोवैक्सीन’ या ‘कोवीशील्ड’ टीका लगवाया है.

नयी दिल्ली: भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने वयस्कों में बूस्टर खुराक के रूप में कोविड-19 टीके ‘कोवोवैक्स’ (Covovax) लगाने के लिए तीसरे चरण के क्लिनिकल ​​परीक्षण की बुधवार को अनुमति दे दी. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी.

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने पांच मार्च को उन लोगों को बूस्टर खुराक के तौर पर ‘कोवोवैक्स’ लगाने के लिए क्लिनिकल परीक्षण की सिफारिश की थी, जिन्होंने कम से कम तीन महीने पहले ‘कोवैक्सीन’ या ‘कोवीशील्ड’ टीका लगवाया है.

डीसीजीआई ने पिछले साल 28 दिसंबर को ‘कोवोवैक्स’ को वयस्कों में आपात स्थिति में सीमित इस्तेमाल के लिए स्वीकृति प्रदान की थी और इस साल नौ मार्च को शर्तों के साथ 12-17 साल आयु वर्ग के किशोरों पर इस टीके के इस्तेमाल की इजाजत दे दी थी. टीके को देश के कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण अभियान में शामिल नहीं किया गया है.

Also Read: Covid19 Fact Check: अब मास्क पहनना जरूरी नहीं? हाथ सैनिटाइज करने की अनिवार्यता भी खत्म!

एक सरकारी सूत्र ने बताया था कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) में सरकार एवं नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश सिंह ने फरवरी में डीसीजीआई में एक आवेदन देकर कम से कम तीन महीने पहले ‘कोवीशील्ड’ या ‘कोवैक्सीन’ की खुराक लगवाने वाले वयस्कों में बूस्टर खुराक के तौर पर ‘कोवोवैक्स’ लगाने के वास्ते तीसरे चरण का परीक्षण करने की अनुमति मांगी थी. श्री सिंह ने कहा था कि कई देश महामारी की अनिश्चितता को देखते हुए अपने नागरिकों को बूस्टर खुराक लगा रहे हैं.

मॉडर्ना का दावा: छोटे बच्चों पर प्रभावी हमारा टीका

मॉडर्ना ने बुधवार को दावा किया कि उसके कोविड-रोधी टीके की हल्की खुराक छह साल से कम उम्र के बच्चों पर भी प्रभावी है. अगर नियामक इससे सहमत होते हैं, तो छोटे बच्चों का कोविड टीकाकरण इस गर्मी से ही शुरू हो सकता है. मॉडर्ना ने कहा कि आने वाले सप्ताह में वह अमेरिका और यूरोप के नियामकों से छह साल से छोटे बच्चों के लिए दो हल्की खुराक दिये जाने के संबंध में मंजूरी का अनुरोध करेगा.

कंपनी अमेरिका में बड़े बच्चों और किशोरों के लिए भी अधिक खुराक वाले उसके टीके के लिए मंजूरी चाहती है. अमेरिका में फिलहाल पांच साल से कम उम्र के करीब 18 लाख बच्चे टीकाकरण के दायरे में नहीं हैं. हालांकि, अन्य टीका निर्माता कंपनी फाइजर अभी स्कूल जाने वाले बच्चों तथा 12 और इससे अधिक आयुवर्ग के लिए टीके की पेशकश कर रही है.

Posted By: Mithilesh Jha

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Agency

Agency is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >