Ceasefire : मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि ने कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इजराइल-गाजा युद्ध को क्यों नहीं रोका? यह अभी भी जारी है. राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर पाकिस्तान के खिलाफ अपनी कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया. कोई भी अन्य राष्ट्रपति हमारे देश के मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता. यह हमारी संप्रभुता पर हमला है और यह हमारी सरकार की कमजोरी को दर्शाता है.”
भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम पर शिवसेना (UBT) प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, “हमारी सेना का जोश चरम पर है, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति संघर्ष विराम की मांग करते हैं. रक्षा बलों, लोगों को विश्वास में लिए बिना, सरकार ने इसका समर्थन किया. इसके बाद फिर पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया. क्या गारंटी है कि पाकिस्तान फिर से संघर्ष विराम का उल्लंघन नहीं करेगा, आतंकवादी हमला नहीं होगा? हमें उम्मीद थी कि हम पीओके पर कब्जा कर लेंगे, पाकिस्तान टूट जाएगा. ऐसा इसलिए क्योंकि वे चुने गए थे. इंदिरा गांधी से सबक लेना चाहिए.”
युद्ध विराम की घोषणा पर आरजेडी नेता मनोज झा ने कहा, “कई जिम्मेदार लोगों ने बात की, कल का दिन कई मायनों में बेचैन करने वाला था. घोषणा तो हमारी तरफ से होनी थी, लेकिन नए ‘सरपंच’, ‘चौधरी साहब’ (डोनाल्ड ट्रंप) ने युद्ध विराम की घोषणा कर दी. उन्होंने कश्मीर और उसके इतिहास की बात की, आप कौन होते हैं यह बात करने वाले, जब आपको बोलने का अधिकार नहीं है? यह शिमला समझौते की भावना के खिलाफ है. देश का मूड 1971 जैसा ही है, ऐसा ही रहना चाहिए.”
पाकिस्तान द्वारा भारत के साथ द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन करने पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, “भारत का हमेशा से दृढ़ विश्वास रहा है कि संघर्ष विराम के नियमों का उल्लंघन नहीं किया जाएगा. वास्तव में, हमने स्पष्ट किया है कि आगे कोई भी आतंकी कार्रवाई युद्ध की कार्रवाई के बराबर होगी. यह विडंबना है कि कल ही, पाकिस्तान के डीजीएमओ ने दोपहर 3:30 बजे भारत के डीजीएमओ को फोन किया, और वे आपसी सहमति से इस बात पर सहमत हुए कि शाम 5 बजे से जमीन, हवा या समुद्र पर कोई और सैन्य हमला नहीं होगा और पाकिस्तान इसके ठीक विपरीत कर रहा है.”
