कोरोना वायरस के नये वैरिएंट डेल्टा प्लस को लेकर पूरे देश में चिंता है, यही वजह है कि सरकार इस वैरिएंट के बारे में लगातार जानकारी दे रही है. केंद्र सरकार ने सोमवार को यह बताया कि कोरोना वायरस का डेल्टा प्लस वैरिएंट वर्तमान में देश के 12 राज्यों में मौजूद है और इसके 48 मरीज अबतक चिन्हित किये गये हैं. केंद्र सरकार द्वारा दी गयी यह जानकारी आईसीएमआर की रिपोर्ट पर आधारित है.
आईसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार डेल्टा प्लस वैरिएंट की जांच के लिए अप्रैल, मई और जून के महीने में 45 हजार सैंपल कलेक्ट किये गये थे. आईसीएमआर ने कहा कि डेल्टा प्लस वैरिएंट देश में अभी काफी सीमित इलाकों में ही है और इसको प्रसार ज्यादा नहीं हुआ है.
केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने चिकित्सा कर्मियों से यह आग्रह किया है कि वे लोगों को कोरोना की तीसरी लहर को लेकर डराएं नहीं. वायरस के संक्रमण से बचने के लिए एहतियात की जरूरत है ना कि डर की.
जीतेंद्र सिंह ने यह बयान तब दिया जब एम्स के डायरेक्टर का यह बयान आया कि देश को कोरोना वायरस के तीसरे वेव के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि डेल्टा वैरिएंट के मामले देश में बढ़ रहे हैं.
डेल्टा प्लस वैरिएंट कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट का म्यूटेशन है. डेल्टा वैरिएंट सबसे पहले भारत में पाया गया था. डेल्टा प्लस के बारे में यह कहा जा रहा है कि यह अन्य वैरिएंट से ज्यादा संक्रामक है और यह फेफड़ों पर चिपक जाता है और उसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है.
डेल्टा प्लस वैरिएंट के ज्यादातर मामले महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश में पाए गए हैं. यही वजह है कि महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार से प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया है और प्रतिबंधों में दी गयी छूट को कम कर दिया है.
Posted By : Rajneesh Anand
