जहरीली हवा को झेल रही दिल्ली में 1.2 करोड़ की लागत से भी नहीं कराई जा सकी नकली बारिश, ठंड ने दी दस्तक

Delhi Weather News : प्रदूषण की मार झेल रही दिल्ली में एक ओर जहां कृत्रिम बारिश के प्रयोग सफल नहीं हो सकें, वहीं दूसरी ओर ठंड ने दस्तक दे दी है. इस वजह से दिल्लीवासियों की परेशानी बढ़ गई है.

Delhi Weather News : दिवाली के बाद से जहरीली हवा को झेल रही दिल्ली में क्लाउड सीडिंग के जरिए कृत्रिम बारिश कराने की कोशिश सफल नहीं हुई है, हालांकि ठंड ने यहां दस्तक दे दी है. तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और सुबह और शाम के वक्त ठंड महसूस की जा रही है. आईआईटी कानपुर द्वारा संचालित क्लाउड सीडिंग का प्रयोग मंगलवार को असफल रहा, इसके बारे में जानकारी सरकार की ओर से ही दी गई.

नकली बारिश की कोशिश नाकाम

सिंगल-प्रोपेलर विमान ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली और राजधानी के कुछ हिस्सों में दो बार क्लाउड सीडिंग परीक्षण किया और सिल्वर आयोडाइड की लपटें छोड़ीं, लेकिन इस प्रयोग के जरिए बारिश नहीं हुई . बावजूद इसके दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने इसे सफल प्रयोग बताया क्योंकि नमी की मात्रा हवा में 10-15 प्रतिशत ही थी, जो क्लाउड सीडिंग के लिए पर्याप्त नहीं है. क्लाउड सीडिंग के लिए नमी अधिक होनी चाहिए. दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए क्लाउड सीडिंग के जरिए बारिश कराने के लिए दिल्ली सरकार ने कुल 5 प्रयोग के लिए 3.21 करोड़ आवंटित किए हैं.

दिल्ली में ठंड ने दी दस्तक

प्रदूषण के बीच दिल्ली में ठंड ने दस्तक दे दी है और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. हालांकि हवा शुष्क रहेगी और अधिकतम तापमान 27 डिग्री तक रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में अभी ठंड और बढ़ेगी और न्यूनतम तापमान नवंबर के पहले सप्ताह में 15-16 डिग्री तक जा सकता है.

दिल्ली के एक्यूआई में थोड़ा सुधार


दिल्ली की वायु गुणवत्ता में बुधवार सुबह थोड़ा सुधार हुआ लेकिन वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 273 यानी ‘खराब’ श्रेणी में ही दर्ज किया गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यह जानकारी दी. शहर में मंगलवार को अपराह्न चार बजे एक्यूआई 294 दर्ज किया गया था. यह सोमवार को दर्ज 301 एक्यूआई से थोड़ा कम है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है.भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक है.अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. आईएमडी ने बुधवार को शहर में हल्का कोहरा छाए रहने का अनुमान जताया है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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