Video : 5000 रुपये किलो गाजर! टमाटर, आलू के दाम सुनकर पकड़ लेंगे माथा

Video : अमीरों की मार्केट में महंगे सामान के दाम देखकर यूजर्स ने वीडियो के कमेंट सेक्शन में खूब मजे लिये. एक यूजर ने लिखा, "क्या ये वीडियो हमें गरीबी का एहसास दिलाने के लिए डालते हो?" वहीं, दूसरे ने कहा, "एक भी सब्जी ठीक नहीं लग रही, इससे बढ़िया तो लोकल मार्केट में मिल जाती है."

Video : आलू, टमाटर, मिर्च जैसी रोजमर्रा की सब्जियां हर घर में यूज की जाती है, लेकिन दिल्ली की एक महंगी सुपरमार्केट में इनकी कीमतें मिडिल क्लास की जेब पर भारी पड़ सकती हैं. जी हां…एक वीडियो सामने आया है जिसमें इनकी कीमत बताई गई है. एक इंफ्लुएंसर ने वहां की सब्जियों के दाम पहले ही बता दिए हैं, ताकि कोई आम आदमी वहां सोच-समझकर जाए. वायरल वीडियो में इंफ्लुएंसर ने सुपरमार्केट में आलू की कीमत 1200 रुपये बताई, जबकि टमाटर के दाम सुनकर लोग हैरान रह गए. कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने मजाक में कहा कि वीडियो देखकर उन्हें अपनी गरीबी का एहसास होने लगा है. देखें वीडियो.

गाजर 5 हजार और टमाटर 4,500 रुपये किलो

वीडियो में इंफ्लुएंसर दिखाता है कि सुपरमार्केट में जंगली मशरूम 1.5 लाख रुपये किलो, गाजर 5 हजार और टमाटर 4,500 रुपये किलो लोगों को मिल रहे हैं. इसके अलावा पैशन फ्रूट 1,150 रुपये, येलो ड्रैगन फ्रूट 4,500 रुपये जबकिऑर्गेनिक आलू 1,200 रुपये किलो बिक रहे हैं. इसकी कीमत सुनकर सोशल मीडिया पर यूजर सिर पकड़ ले रहे हैं. इन चीजों की कीमतें किसी को भी हैरान कर सकती हैं. इसलिए इंफ्लुएंसर ने वीडियो की शुरुआत में ही कहता नजर आ रहा है कि यहां सिर्फ अमीर लोग ही शॉपिंग कर सकते हैं. करीब 88 सेकंड का यह वीडियो क्लिप है जिसे लोग बार बार देख रहे हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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