Delhi School: निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगी लगाम, स्कूल फीस बिल को कैबिनेट की मंजूरी

Delhi School: दिल्ली में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने की तैयारी कर ली गई है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें स्कूल बिल को मंजूरी दे दी गई है. जिसके बाद सभी स्कूलों में फीस बढ़ोतरी पर लगाम लग जाएगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि दिल्ली मंत्रिमंडल ने निजी और सरकारी स्कूलों में फीस विनियमित करने के लिए मसौदा विधेयक को मंजूरी दी.

Delhi CM Rekha Gupta

Delhi School: कैबिनेट की बैठक के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और बताया, “मुझे आपको यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक और साहसिक फैसला लिया है, और आज कैबिनेट ने मसौदा विधेयक पारित कर दिया है. दिल्ली के सभी 1677 स्कूलों, चाहे वो सहायता प्राप्त हों, गैर सहायता प्राप्त हों, निजी हों या सभी तरह के स्कूल हों, के लिए फीस के लिए एक पूरी गाइडलाइन, प्रक्रिया तय की जाएगी. इतिहास में पहली बार दिल्ली सरकार द्वारा ऐसा विधेयक तैयार किया जा रहा है जो पूरी तरह से सुरक्षित है.”

पिछली सरकारों ने शुल्क वृद्धि को रोकने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया : रेखा गुप्ता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, सरकार ने दिल्ली स्कूल शिक्षा पारदर्शिता निर्धारण और शुल्क विनियमन विधेयक, 2025 को मंजूरी देकर एक साहसिक और ऐतिहासिक कदम उठाया है. सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इस मुद्दे पर हाल के दिनों में व्यापक रूप से चर्चा हुई और कुछ स्कूलों की गतिविधियों और शुल्क वृद्धि के नाम पर छात्रों के उत्पीड़न की शिकायतों के कारण अभिभावकों में घबराहट थी. उन्होंने कहा, “दिल्ली में पिछली सरकारों ने शुल्क वृद्धि को रोकने के लिए कोई प्रावधान नहीं किया. निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि को रोकने में सरकार की मदद करने के लिए कोई दिशानिर्देश नहीं था.” शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि विधेयक में शुल्क वृद्धि को विनियमित करने के लिए त्रिस्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव है.

1 अप्रैल से होगा लागू

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, “आज हमारी कैबिनेट ने फीस बढ़ाने या न बढ़ाने के बारे में एक वैधानिक निर्णय लिया है और एक विधेयक का मसौदा तैयार किया है, जिसमें सरकार को विनियमित करने, (फीस वृद्धि) रोकने और स्कूलों द्वारा इसका पालन न करने पर कार्रवाई करने की शक्ति दी गई है. उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी (जिन स्कूलों के खिलाफ पहले नोटिस जारी किए गए थे). इस विधेयक के आधार पर फीस बढ़ाई या घटाई जाएगी. यह 1 अप्रैल से लागू होगा. इसका पूर्वव्यापी प्रभाव होगा और इस वर्ष की फीस भी विनियमित होगी.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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