Delhi Molestation Case: छात्राओं के यौन शोषण के आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती को 5 दिन की पुलिस कस्टडी

Delhi Molestation Case: दिल्ली के निजी संस्थान में 17 छात्राओं का यौन शोषण करने का आरोपी स्वयंभू धर्मगुरु चैतन्यानंद सरस्वती को रविवार को दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया. जहां से कोर्ट ने उसे 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. इससे पहले उसे पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार किया और दिल्ली लेकर आई. कोर्ट में पेशी से पहले चैतन्यानंद सरस्वती का मेडिकल कराया गया.

Delhi Molestation Case: दिल्ली पुलिस ने आरोपी पार्थ सारथी उर्फ ​​चैत्यानंद सरस्वती को पटियाला हाउस कोर्ट में रविवार को पेश किया. जहां से कोर्ट ने आरोपी को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. 17 छात्राओं का यौन शोषण करने का आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के आगरा से शनिवार रात गिरफ्तार किया. आरोप लगने के बाद चैतन्यानंद सरस्वती फरार चल रहा था. दिल्ली पुलिस ने धरपकड़ के लिए एक टीम बनाई थी. गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस आगरा पहुंची और सरस्वती को गिरफ्तार किया. आगरा में वह एक होटल में ठहरा हुआ था.

सरस्वती को पकड़ने के लिए कई टीम गठित की गई थी

दिल्‍ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया, “सरस्वती को पकड़ने के लिए कई टीम गठित की गई थीं सूचना के आधार पर ह.मने आगरा के ताजगंज इलाके के एक होटल में उसका पता लगाया और रविवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे उसे वहीं से पकड़ लिया.” प्राथमिकी दर्ज होने के बाद वह चार अगस्त को दिल्ली से फरार हो गया था.

होटल के कमरा नंबर 101 में पार्थ सारथी के नाम से रह रहा था चैतन्यानंद सरस्वती

आगरा के होटल कर्मचारियों के अनुसार, चैतन्यानंद सरस्वती ने 27 सितंबर को शाम करीब चार बजे ‘पार्थ सारथी’ नाम से होटल में प्रवेश लिया और उसे कमरा नंबर 101 दिया गया था. कर्मचारियों ने दावा किया, ‘‘वह पूरी रात कमरे में ही रहा.’’

छात्राओं को देर रात कमरे में बुलाता था चैतन्यानंद सरस्वती

आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के अनुसार वह छात्राओं को देर रात उसके कमरे में आने के लिए मजबूर करता था और उन्हें आपत्तिजनक संदेश भेजता था. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी अलग-अलग नामों और पहचानों से बैंक खाते से लेन देन करता था और उसने प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उन खातों से 50 लाख रुपये से अधिक की राशि निकाली थी.

फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद

पुलिस को चैतन्यानंद सरस्वती के पास से कुछ फर्जी विजिटिंग कार्ड भी मिले हैं, जिनमें उसे संयुक्त राष्ट्र और ‘ब्रिक्स’ से जुड़ा हुआ दिखाया गया है. ‘ब्रिक्स’ पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का एक संगठन है जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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