Delhi Flood: लाल किले तक पहुंचा बाढ़ का पानी, मुख्यमंत्री आवास से केवल 250 मीटर दूर, देखें डराने वाली तस्वीरें

हरियाणा के द्वारा हथिनीकुंड बराज में पानी छोड़े जाने से यमुना का जलस्तर 208.53 मीटर तक पहुंच गया है. जिससे 45 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है. हालांकि राहत की बात है कि पिछले दो घंटों में यमुना नदी के जलस्तर में कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया.

Delhi Flood: यमुना का पानी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के कारण गुरुवार को दिल्ली सचिवालय सहित शहर के कई प्रमुख इलाकों में पानी भर गया, जिससे सामान्य जनजीवन तथा यातायात प्रभावित हो गया. बाढ़ का पानी लाल किले तक पहुंच चुका है और मुख्यमंत्री आवास से केवल 250 मीटर दूर है. अधिकारियों को बचाव व राहत कार्यों को अंजाम देने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.

यमुना का जलस्तर पहुंचा 208.53 मीटर तक

हरियाणा के द्वारा हथिनीकुंड बराज में पानी छोड़े जाने से यमुना का जलस्तर 208.53 मीटर तक पहुंच गया है. जिससे 45 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है. हालांकि राहत की बात है कि पिछले दो घंटों में यमुना नदी के जलस्तर में कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया. दोपहर एक और दो बजे जलस्तर 208.62 मीटर रिकार्ड किया गया, तीन बजे भी यही स्तर पाया गया.

दिल्ली में बाढ़ से निपटने के लिए एडीआरएफ की 12 टीमें तैनात

दिल्ली में यमुना के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक दर्जन टीमों को तैनात कर दिया गया है. एनडीआरएफ के एक प्रवक्ता ने बताया कि मध्य, पूर्वी और उत्तरी पूर्वी दिल्ली में तीन-तीन टीमें तैनात की गई हैं, जबकि दक्षिण पूर्वी दिल्ली में दो और शाहदरा इलाके में एक टीम तैनात की गई है.

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बाढ़ के कारण दिल्ली में स्कूल बंद

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नदी के पास के स्कूलों को बंद करने और जल शोधक संयंत्रों को बंद करने की घोषणा की है. केजरीवाल ने ट्वीट किया, दिल्ली के जिन इलाकों में पानी भर रहा है वहां पर सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद किए जा रहे हैं. शिक्षा निदेशालय (डीओई) ने निचले इलाकों में सभी सरकारी तथा निजी स्कूलों को बंद करने के लिए एक परिपत्र भी जारी किया.

राष्ट्रीय राजधानी में वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध

बाढ़ के कारण राष्ट्रीय राजधानी में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है. दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा यमुना नदी में असामान्य रूप से बढ़ते जल स्तर को देखते हुए एहतियात के तौर पर सिंघू बॉर्डर, बदरपुर बॉर्डर, लोनी बॉर्डर और चिल्ला बॉर्डर से भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. गहलोत ने एक ट्वीट में कहा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड से आने वाली अंतरराज्यीय बसें आईएसबीटी कश्मीरी गेट न जाकर सिंघू बॉर्डर पर ही रुक जायेंगी. उन्होंने कहा कि आवश्यक सेवाओं जैसे खाद्य पदार्थ और पेट्रोलियम उत्पादों को लाने वाले वाहनों पर कोई प्रतिबंध नहीं है.

इन इलाकों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

दिल्ली में बाढ़ के पानी से स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. वहां से जो भी तस्वीरें सामने आ रही हैं, वह काफी डराने वाली हैं. यमुना का पानी लाल किले तक पहुंच चुका है. इसके अलावा कश्मीरी गेट, मोनेस्ट्री, यमुना बाजार तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है. यही नहीं दिल्ली के मेटकाफ रोड स्थित सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में बाढ़ का पा��ी घुस गया है. यमुना का जल स्तर बढ़ने से गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में पानी भर गया, जहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनके मंत्रिमंडल और अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों के आवास-कार्यालय हैं. राजघाट से दिल्ली सचिवालय जाने वाली सड़क पर भी पानी भर गया है. अधिकारियों ने बताया कि कश्मीरी गेट और पुराना लोहे के पुल के बीच रिंग रोड पर पानी भर गया है और इसलिए वहां यातायात रोक दिया गया है.

मेट्रो की ‘ब्लू लाइन’ पर यमुना बैंक स्टेशन पर यात्रियों का प्रवेश व निकास अस्थायी रूप से बंद

बाढ़ को देखते हुए मेट्रो की ‘ब्लू लाइन’ पर यमुना बैंक स्टेशन पर यात्रियों का प्रवेश व निकास अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और उसकी गति भी सीमित कर दी गई है. दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों ने बताया कि यमुना बैंक स्टेशन की ओर आने वाली सड़क पर पहुंच भी अभी संभव नहीं है.

दिल्ली में प्रभावित हो सकती है जल आपूर्ति

बाढ़ प्रभावित दिल्ली में जलापूर्ति भी प्रभावित हो सकती है. वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जल शोधक संयंत्र बंद कर दिए गये हैं.

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की

हर गुजरते घंटे के साथ स्थिति बिगड़ने के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया और पुलिस ने एहतियाती तौर पर राष्ट्रीय राजधानी के बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी. इस धारा के तहत चार से अधिक लोगों के एक ही स्थान पर एकत्रित होने पर रोक होती है.

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Published by: Arbindkumar mishra

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झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

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अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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